कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है. फिलहाल कोलकाता में कांग्रेस का प्रदर्शन शुरू हो गया है. पार्टी की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है. कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं.
यह पूरा विवाद राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों के बाद शुरू हुआ है. राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने ज्ञानेश कुमार से तुरंत इस्तीफा देने और सरकारी गवाह बनने की मांग की थी. राहुल ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हुई है और इसका असर कानून और संस्थाओं तक पहुंचा है.
राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कई चुनावों में धांधली का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वोट लोकतंत्र की नींव है और अगर वोट को नुकसान पहुंचाया गया है तो संविधान और संस्थाओं पर भी असर पड़ता है.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर CEC को चुनावों में कथित गड़बड़ी की जानकारी थी और इसके बावजूद वह इसमें शामिल थे, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और उन पर मुकदमा चलना चाहिए.
वहीं BJP ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं.
अलग-अलग विपक्षी दलों ने भी CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. RJD नेता मनोज झा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. SP प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कहा कि ऐसे आरोपों के बीच CEC को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए.
शुक्रवार को कई जगह प्रदर्शन की तैयारी है. बिहार में RJD जिला मुख्यालयों पर दोपहर 2 बजे ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने का कार्यक्रम करेगा. पंजाब में सचिन पायलट के नेतृत्व में चंडीगढ़ स्थित चुनाव आयोग कार्यालय की ओर प्रदर्शन मार्च निकाला जाएगा. दिल्ली में भी कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 2:30 बजे निर्वाचन सदन के बाहर प्रदर्शन करेंगे.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि चुनाव आयोग एक सामूहिक संस्था है और फैसले बहुमत या सहमति से लिए जाते हैं. उन्होंने CEC को निशाना बनाए जाने को राजनीतिक अभियान बताया.