Cnetre Representative in talks with CJP Delegation at Constitution Club Delhi केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य की रक्षा करने और राष्ट्रविरोधी ताकतों को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे व्यापक छात्र आंदोलन का फायदा उठाने से रोकने के लिए लिया गया है. मोदी सरकार में किसी वरिष्ठ मंत्री का लंबे समय तक चले जन आंदोलन और राजनीतिक दबाव के बीच इस्तीफा देना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही थी. तीसरे दौर की वार्ता से कुछ घंटे पहले प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने साफ कर दिया था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनके लिए गैर-समझौतावादी (Non-negotiable) मुद्दा है. धर्मेंद्र प्रधान के लंबे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई.
यही वह स्थान है, जहां सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन शुरू किया था और आंदोलन का केंद्र बना हुआ था. सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है, उन्हें पद से हटाया नहीं गया. इससे संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार उन्हें सम्मानजनक विदाई देना चाहती थी. ओडिशा से आने वाले भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान पहली बार 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्हें दोबारा इसी मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई.
उधर, आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है. प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित पेपर लीक के मामलों में 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं. इनमें से पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा, 'आज कुछ देर पहले धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दे दिया. हमारी पहली मांग मान ली गई है.' सौरव दास ने कहा कि दूसरी मांग आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की थी. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर भी सहमति जताई है. उन्होंने कहा, 'जिन राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकारें हैं वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी. साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के सदस्यों के खिलाफ भी किसी तरह का एक्शन नहीं होगा.' आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार मंगलवार तक अपनी गारंटी लिखित रूप में दे देगी. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर भी सहमति बन गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी सभी प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है, इसलिए हम आंदोलन वापस लेने का ऐलान करते हैं. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों ने चार सूत्रीय लिखित मसौदा सरकार को सौंपा था. उन्होंने कहा कि इसमें सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने, नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए चार्टर का अध्ययन करने तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है. बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक तौर पर आंदोलन वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा, हम अपना आंदोलन वापस लेते हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने सरकार के साथ अपनी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद यह ऐलान किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत चल रही है. कुछ देर में दोनों पक्ष संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-जंतर आंदोलनरत छात्रों ने जश्न मनाया. दिल्ली मेट्रो ने मंडी हाउस, राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट खोल दिए हैं. लोग जंतर-जंतर से अपने घरों के लिए जाने लगे हैं लेकिन बहुत सारे प्रदर्शनकारी छात्र अब भी वहां मौजूद हैं और कॉकरोच जनता पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल सीजेपी डेलिगेशन की सरकार के प्रतिनिधियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक चल रही है. जंतर-जंतर पर अपील की जा रही है कि सरकार ने आपकी सभी मांगें मान ली हैं, अब आप घर जाइए.
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत! दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार! छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई! बहुत से सवाल अनुत्तरित हैं. देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे.'
नीट पेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट में लिखा, 'यह लोकतंत्र की जीत है! प्रत्यक्ष लोकतंत्र... सड़कों से. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. सीजेपी, देश की पीढ़ी (जेनरेशन जेड) को बधाई और देश के हर कोने से उठ खड़े होने और भय को दूर करने के लिए सभी नागरिकों को धन्यवाद. जवाबदेही से, अब सुधारों की ओर.'
NEET-UG परीक्षा विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. सोशल मीडिया पर साझा पत्र में उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद से ऊपर है. उन्होंने परीक्षा सुधार, CBI जांच और NEET को CBT मोड में कराने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया.
पढ़ें पूरी स्टोरी: धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा... PM मोदी को भेजी चिट्ठी, जंतर-मंतर 'कॉकरोचों' के संग्राम के बाद बड़ा फैसला
जंतर-मंतर से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को टॉलस्टॉय मार्ग पर पुलिस ने रोक दिया. इस दौरान पुलिस पर पथराव की घटना हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RAF ने प्रदर्शनकारियों पर लगातार आंसू गैस के गोले छोड़े.
CJP ने जंतर-मंतर और उसके आसपास दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. पार्टी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को घेराबंदी वाले इलाके में बदल दिया गया है. CJP ने कहा कि जंतर-मंतर कोई जेल या सैन्य क्षेत्र नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है.

CJP ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से अपील की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने, उन्हें हिरासत में लेने या डराने-धमकाने की कार्रवाई बंद की जाए. पार्टी ने यह भी मांग की कि प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन, पीने का पानी, दवाइयां, स्वच्छता सामग्री और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही में बाधा न डाली जाए और जंतर-मंतर के आसपास भय और घेराबंदी का माहौल खत्म किया जाए.

जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय तक मार्च निकाला. विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान कुछ कार्यकर्ता गेट और वाटर कैनन पर चढ़ गए और वहीं धरने पर बैठ गए. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली. प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई नेता शामिल रहे.
प्रदर्शन में शामिल युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए सरकार से इस्तीफे की मांग की. उनका कहना था कि अगर सरकार पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई करती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में लगातार पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं और यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पूरे उत्तराखंड में आंदोलन तेज करेगी. उन्होंने शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस्तीफे की भी मांग की.
पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लेफ्ट छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों को मौके पर पहुंचते ही हटाया जा रहा है. छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. आजतक से बातचीत करते हुए एक दसवीं की छात्रा ने कहा कि वो लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी तब भी लाठीचार्ज किया गया. पूरी खबर यहां पढ़ें: 'लड़का-लड़की कुछ नहीं देखा जा रहा', पटना में लाठीचार्ज पर भड़के 'कॉकरोच'
बिहार में पेपर लीक और छात्रों की मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच शनिवार को औरंगाबाद के रमेश चौक पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन के लिए जुटे. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. छात्रों ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की. इसी बीच छात्रों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस पर रोड़ेबाजी की. स्थिति को देखते हुए रमेश चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा.
देश भर में CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर कई गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश की गई. पुलिस ने बताया कि एक पोस्ट में दावा किया गया कि 20 जुलाई की घटना में एक महिला की मौत हो गई है. दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया किया कि किसी की भी मौत नहीं हुई.
दिल्ली DCP ने केजरीवाल के पोस्ट दिखाकर बोली कि 400 से ज्यादा हैंडल्स की पहचान की गई है. दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस सेना की तैनाती को लेकर झूठी खबर फैलाई गई. एक महिला की मौत का झूठा दावा किया, सोनम वांगचुक का फेक वीडियो साझा किया जा रहा था. लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की
NEET पेपर लीक को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित एग्जीबिशन रोड से पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया.

इसी दौरान पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को भी गांधी मैदान थाना क्षेत्र के एग्जीबिशन रोड से हिरासत में लिया गया.

वहीं डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान पथराव और लाठीचार्ज की घटना सामने आई है. इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये तीनों गैर-समझौतावादी हैं. उन्होंने कहा कि पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार के प्रतीक बन गए हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने पर विचार कर रही है, तो यह स्वीकार्य नहीं होगा. उनके मुताबिक, छात्रों की मांग साफ है कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि दूसरी मांग यह है कि छात्रों पर कार्रवाई करने वाले दिल्ली पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों पर हुए हमले के लिए माफी मांगनी चाहिए.
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उन्हें उन पर गर्व है. उन्होंने कहा कि छात्र डरने वाले नहीं हैं और वे देश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं, जबकि नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं.
राहुल गांधी के साथ तीन AISA छात्राएं भी थीं जिन्होंने जंतर-मंतर पर 23 दिन की भूख हड़ताल की थी. राहुल गांधी ने कहा, "नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं, अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता."
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तीन मांगें हैं और ये पूरी तरह गैर-समझौतावादी हैं. उन्होंने कहा कि पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और अक्षमता के प्रतीक बन गए हैं और छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि सरकार के भीतर धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर किसी दूसरे मंत्रालय में भेजने पर चर्चा हो रही है, लेकिन यह छात्रों को स्वीकार नहीं होगा. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग साफ है कि धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए.
ABVIMS और डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ने बताया है कि प्रदर्शन से जुड़े कथित मामले में गंभीर हालत में भर्ती 21 वर्षीय युवती की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. अस्पताल के अनुसार, करीब 72 घंटे पहले उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था और अब वह खुद सामान्य रूप से सांस ले रही हैं. वह पूरी तरह होश में हैं, सतर्क हैं और डॉक्टरों के निर्देशों का जवाब दे रही हैं.

अस्पताल ने कहा कि पिछले 24 घंटे से युवती को मुंह के जरिए भोजन दिया जा रहा है, जिसे वह अच्छी तरह सहन कर रही हैं. फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, हालांकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में रखा गया है और उनका इलाज जारी है.
पटना के गांधी मैदान में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और छात्रों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा है. लेफ्ट संगठनों से जुड़े छात्र गांधी मैदान पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां पहुंचते ही पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर मौके से हटा रही है.

मौके पर मौजूद छात्रों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है. गांधी मैदान के आसपास पुलिस की निगरानी लगातार जारी है.

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज सुबह 11:30 बजे नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ के बाहर मीडिया को संबोधित करेंगे. कांग्रेस की ओर से इसकी जानकारी दी गई है. राहुल गांधी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हो रही है, जब छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम लगातार चर्चा में बने हुए हैं.
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. बैरिकेड्स को मजबूत करने के लिए बड़ी-बड़ी लोहे की शीट्स को बोल्ट और कीलों की मदद से सड़क पर फिक्स किया गया है. इसके अलावा बैरिकेड्स को लोहे की चेन से भी बांधा गया है, ताकि उन्हें हिलाया या गिराया न जा सके.
इसी बीच जॉइंट सीपी विजय सिंह भी अपनी टीम के साथ संसद मार्ग का जायजा लेते नजर आए. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य है. बैरिकेड्स को नए तरीके से फिक्स किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी को जो उचित लग रहा है, उसी के अनुसार सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं.
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन में 130 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक विरोध-प्रदर्शन में लगभग 65 छात्र घायल हुए. जंतर-मंतर और उसके आस-पास औसतन 10 हजार लोग मौजूद हैं और वहां 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
लखनऊ में पेपर लीक और भर्ती में देरी पर आज विरोध प्रदर्शन होगा.69000 शिक्षक भर्ती मामले में अभ्यर्थी आज बसपा प्रमुख मायावती के आवास का घेराव करेंगे.सुबह 10.30 बजे माल एवेन्यू स्थित मायावती के आवास पर अभ्यर्थी पहुंचेंगे. वहीं इको गार्डन में नीट पेपर लीक को लेकर आजाद समाज पार्टी का भी आज प्रदर्शन जारी रहेगा. पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी आज प्रदर्शन में शामिल होगें. जंतर मंतर के प्रदर्शन की मांगों को लेकर यहां प्रदर्शन होगा.
कोलकाता में छात्रों के मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में कोलकाता पुलिस ने कुल 6 FIR दर्ज की हैं.

इनमें से 5 FIR मीडिया कर्मियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई हैं.

एक FIR कोलकाता पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज की है.

पढ़ें पूरी स्टोरी: बिहार से दबोचा गया बिजेंद्र गुप्ता, महाराष्ट्र TET पेपर लीक का है मास्टरमाइंड
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे कथित पेपर लीक माफिया बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है.
पेपर लीक का संकट सिर्फ परीक्षा प्रणाली की खामी नहीं, बल्कि रोजगार और शिक्षा के असंतुलन का नतीजा है. सिर्फ सख्त कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट से इसका स्थायी समाधान नहीं निकलेगा. ब्लॉकचेन, AI आधारित परीक्षा व्यवस्था, स्किल-बेस्ड भर्ती, प्राइवेट सेक्टर में रोजगार और नए करियर विकल्प ही इस समस्या की जड़ पर असरदार चोट कर सकते हैं.
यहां पढ़ें पूरी कहानी: निर्भया केस की तरह पेपर लीक पर भी फेल होंगे सख्त कानून? असली इलाज कुछ और है!

दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक, जंतर-मंतर पर अब तक 2500 से ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की गई है. पुलिस का दावा है कि ऐसे लोग भीड़ में घुसकर पुलिस को निशाना बना रहे हैं. अब तक इस मामले में कुल 15 FIR दर्ज की जा चुकी हैं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए FRS सुविधा युक्त कैमरे लगाए गए थे. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है.
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को सर्कुलर जारी कर छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के निर्देश दिए हैं. सर्कुलर के मुताबिक, कांग्रेस आज देशभर में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित करेगी. पार्टी ने सभी प्रदेश इकाइयों से इन कार्यक्रमों के जरिए छात्रों के समर्थन में भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है.

दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों को देखते हुए शराब की दुकानों को वीकेंड तक रात 8 बजे बंद करने का आदेश दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, यह फैसला जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर पुलिस के इनपुट के आधार पर लिया गया है. यह भी पढ़ें: दिल्ली में वीकेंड पर रात 8 बजे ही बंद होंगी शराब की दुकानें, CJP आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा फैसला
सरकार के साथ दूसरे दौर की बातचीत के बाद भी CJP अपनी मुख्य मांग पर अड़ा हुआ है. संगठन ने साफ कहा है कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तो आगे की बैठकों का कोई मतलब नहीं है.
यहां पढ़ें: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे तो मीटिंग का मतलब नहीं...', आज बैठक से पहले CJP की दो टूक
DMRC ने जानकारी दी कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा कारणों से आज सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे.
जंतर-मंतर के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली पुलिस ने और बैरिकेड लगाए हैं. इन्हें मजबूत जंजीरों से आपस में जोड़ा गया है और वेल्डिंग करके और मजबूत किया गया है.
नीट पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाली नागपुर की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मां नीलम चतुर्वेदी ने नागपुर में चल रहे सीजेपी के आंदोलन में हिस्सा लिया. नागपुर के संविधान चौक पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे रोजाना आंदोलन में शामिल होंगी और जरूरत पड़ने पर दिल्ली में होने वाले आंदोलन में भी हिस्सा लेंगी. (Input: Abhijeet Karande)
कांग्रेस आज देशभर में कैंडल मार्च और सत्याग्रह करेगी. कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर सभी प्रदेश कमेटियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सभी से कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की है.
जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) ने बड़ा खुलासा किया है. सूत्रों के मुताबिक, 20 जुलाई से 24 जुलाई के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में करीब 400 ऐसे लोगों की पहचान की गई, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. (इनपुट: अरविंद ओझा)
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक चर्चा हुई. वहीं, जानकारी के मुताबिक, CJP के प्रतिनिधियों के साथ तीसरे दौर की बैठक आज दोपहर 3:30 बजे होगी.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ तीसरे राउंड की बैठक दोपहर 3:30 बजे होगी. सूत्रों के मुताबिक, CJP बैठक के बाद एक और संसद तक मार्च की घोषणा कर सकती है.