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अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका कहां हैं? CJP ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब, कमिश्नर को लिखा खत

मुंबई से दिल्ली पहुंचे CJP संयोजक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को प्लेन के अंदर से हिरासत में लिए जाने के बाद भी लोकेशन न बताने पर कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है. पार्टी ने नेताओं को परिजनों व वकीलों से दूर रखने पर सवाल उठाते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है.

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सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर पूछा कि कि उनके नेताओं को कहां रखा गया है.(Photo: PTI)
सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर पूछा कि कि उनके नेताओं को कहां रखा गया है.(Photo: PTI)

कॉकरोच जनता पार्टी ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर दिल्ली पुलिस से सवाल उठाए हैं पार्टी ने आरोप लगाया है कि मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से हिरासत में लिए गए तीनों नेताओं की स्थिति और उनके ठिकाने के बारे में 12 घंटे बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई है. पार्टी ने पुलिस से उनकी तत्काल स्थिति स्पष्ट करने और उन्हें वकीलों से मिलने देने की मांग की है.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की स्थिति की जानकारी मांगी है. पत्र में कहा गया है कि तीनों को शनिवार सुबह मुंबई से नई दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से ही दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

पार्टी का कहना है कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी उनके परिजनों को कोई सूचना नहीं दी गई है. इतना ही नहीं, वकीलों को भी जानकारी देने से इनकार किए जाने का आरोप लगाया गया है. CJP ने सवाल उठाया है कि तीनों नेताओं को कहां रखा गया है, उन्हें एक साथ रखा गया है या अलग-अलग और किस एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लिया है, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है.

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'किसी को भी संपर्क से दूर रखना अस्वीकार्य'
अजिंक्य शिंदे ने अपने पत्र में इस स्थिति को अमानवीय और अस्वीकार्य बताते हुए हिरासत की वैधता तथा नेताओं के मौलिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने कहा है कि किसी व्यक्ति को उसके परिजनों और वकीलों से संपर्क की जानकारी दिए बिना इस तरह रखना गंभीर मामला है. इस कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.

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CJP ने दिल्ली पुलिस से तीनों नेताओं की वर्तमान स्थिति और उनके ठिकाने की तत्काल जानकारी देने, उन्हें अपने वकीलों से मिलने की अनुमति देने और यदि हिरासत अवैध है तो उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि कानून से ऊपर कोई भी अधिकारी या संस्था नहीं है और इस मामले में पुलिस को बिना देरी के जवाब देना चाहिए.

वहीं एनसीपी (SP) नेता सुप्रिया सुले ने ट्वीट करते हुए कहा, 'इस बात से बहुत चिंता है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी हिरासत में हैं; उन्हें न तो कोई वारंट दिखाया गया है और न ही वकीलों या परिवार से संपर्क करने दिया जा रहा है. अभिजीत की दादी का निधन हो गया है, फिर भी खबर है कि उन्हें घर पर फ़ोन करने की भी इजाजत नहीं दी गई है. यह मंजूर नहीं है. हम बिना किसी देरी के उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं. दुख की इस घड़ी में अभिजीत को अपने परिवार के साथ रहने की इजाजत मिलनी चाहिए.'

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3 हजार लोग हिरासत में

यह घटनाक्रम शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था. इस दौरान दिल्ली में कई जगहों पर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला.  जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी. सड़कों पर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी. इसके बावजूद भी सेंट्रल दिल्ली में कई जगहों पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे. पुलिस ने 3 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.

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