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बिहार में क्राइम से लेकर पेपर लीक तक... इन मुद्दों पर चिराग बने 'ज्वाला'

चिराग पासवान ने बिहार की हालिया आपराधिक घटनाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के साथ ही लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. उन्होंने सीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर भी रिएक्शन दिया है.

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान. (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान. (फाइल फोटो)

केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) नेता चिराग पासवान ने युवाओं, पेपर लीक, बिहार में वायरल हो रहे वीडियो और चुनाव आयोग को लेकर बड़ा बयान दिया है. पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के सवाल पर चिराग ने कहा, अगर किसी परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाता है तो छात्रों के आने-जाने, रहने और खाने-पीने का खर्च विभाग को उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह केवल मांग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छात्रों के अधिकार के रूप में इसे कानूनी रूप दिया जाना चाहिए.

चिराग ने कहा कि लोकसभा में भी पेपर लीक कानून को मजबूत करने की चर्चा के दौरान उनकी पार्टी की ओर से सांसद अरुण भारती ने छात्रों के इन अधिकारों को सदन में प्रमुखता से रखा था.

देश में ड्यूल सिटीजनशिप का कोई कॉन्सेप्ट नहीं

वहीं, बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कंपनी द्वारा बिहार और उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरी नहीं देने की कथित बात पर चिराग ने कहा कि भारत में ड्यूल सिटीजनशिप का कोई कॉन्सेप्ट नहीं है. हर भारतीय को देश के किसी भी हिस्से में रोजगार और व्यवसाय करने का अधिकार है. कंपनियों द्वारा इस तरह का भेदभाव उनके अपने बाजार के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की चर्चा पर चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है. विपक्ष राजनीति करता है लेकिन अगर जनता के मन में चुनाव आयोग की निष्पक्षता या पारदर्शिता को लेकर कोई भ्रम पैदा हो रहा है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है.

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सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं

बिहार में समस्तीपुर के बाद बांका से कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले पर चिराग पासवान ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. अपराधियों और अधिकारियों दोनों के मन में कानून का डर होना जरूरी है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा जमुई की पीड़िता से मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर पीड़िता वायरल होने के सवाल पर चिराग ने कहा कि उन्होंने तस्वीर नहीं देखी है. ऐसी घटनाओं में पीड़ित बच्चियों, महिलाओं और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और नैतिक जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है.

चिराग पासवान ने सीजेपी द्वारा 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने पर एक बार फिर कहा कि अगर जनता के मन में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर कोई भ्रम है, तो चुनाव आयोग को अपनी तरफ से स्थिति स्पष्ट कर उस भ्रम को दूर करना चाहिए.

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