आंध्र प्रदेश के तिरुपति से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है. स्थानीय निकाय चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में आने की चाह रखने वाले एक आम नागरिक ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो चुनाव लड़ने के लिए बड़े फंड की नहीं, बल्कि जनसमर्थन की जरूरत होती है.
ये मामला तिरुपति के चिगुरुवाड़ा का है जहां सुभद्र नाम के एक शख्स ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया. उम्मीदवारी के लिए नामांकन करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी. इसके लिए उसने गांव-गांव जाकर लोगों से एक-एक रुपये के सिक्के जुटाए और कुल 6 हजार जमा कर लिए.
स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर सुभद्र ने जनता के बीच जाकर समर्थन मांगा. ग्रामीणों के दिए गए एक-एक रुपये के सिक्कों को जोड़कर उन्होंने 6,000 रुपये जमा किए और फिर अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए चुनाव कार्यालय पहुंचे.
चुनाव के इस दौर में जहां पानी की तरह पैसा बहाया जाता है, वहीं सुभद्र का ये व्यवहार मिसाल बन गया है. इस मामले की खूब चर्चा हो रही है और इसका वीडियो भी सामने आया है.