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अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले आतंकी साजिश रचने की फिराक में पाकिस्तान, प्लान डिकोड

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले पाकिस्तान ने जम्मू रीजन में आतंक को जिंदा करने का प्लान बनाया था. पाकिस्तान के इस प्लान को डिकोड कर लिया गया है. पाकिस्तान ने रफीक नाई और मोहम्मद अमीन बट उर्फ अबू खुबैब को अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की जिम्मेदारी दी थी.

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अमरनाथ यात्रा से पहले पाकिस्तान की आतंकी साजिश नापाक
अमरनाथ यात्रा से पहले पाकिस्तान की आतंकी साजिश नापाक

जम्मू कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा एक जुलाई से शुरू होनी है. अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षाबल अलर्ट मोड में हैं. इस यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए कड़ी चौकसी बरती जा रही है. आतंकी यात्रा के दौरान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों का प्लान डिकोड कर दिया है.

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले पाकिस्तान ने जम्मू रीजन में आतंक को जिंदा करने का प्लान बनाया था. पाकिस्तान के इस प्लान को डिकोड कर लिया गया है. खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने रफीक नाई और मोहम्मद अमीन बट उर्फ अबू खुबैब को अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की जिम्मेदारी दी थी.

खुफिया सूत्रों की मानें तो रफीक नाई और मोहम्मद अमीन बट उर्फ खुबैब को राजौरी के साथ ही पुंछ, पीर पंजाल और चिनाब घाटी में आतंक को जिंदा करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान ने पहले से ही दी हुई थी. रफीक और खुबैब दोनों ही आतंकी पाकिस्तान में बैठकर जम्मू में युवाओं का ब्रेनवॉश कर आतंक के दलदल में धकेलने की नापाक साजिश में लगे हुए हैं.

बताया जाता है कि रफीक नाई पुंछ जिले के मेंढर का रहने वाला है. खुबैब डोडा जिले का निवासी है. दोनों ही इस समय पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं. आजतक के पास खूबैब के घर की तस्वीरें भी हैं जहां अभी भी उसके परिवार के लोग रहते हैं. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि परिवार वाले लगातार खुबैब के संपर्क में भी हो सकते हैं.

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सुरक्षा एजेंसियां खुबैब के घर और उसके परिवार के लोगों पर नजर रख रही हैं. सूत्रों से जानकारी मिली है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इन दोनों को जम्मू रीजन में आंतक को जिंदा करने का जिम्मा सौंपा है.

दोनों सोशल मीडिया के जरिए लगातार युवाओं को बरगला रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए ही डोडा और पुंछ के युवाओं के संपर्क में है. उन्हें आंतक की राह पर धकेलने की हरसंभव कोशिश की जा रही हैं. दोनों आतंकियों के स्थानीय होने की वजह से घुसपैठ के रूट को पूरी तरह से जानते हैं. वह जानते हैं कि कौन सा रूट पूरी तरह से सुरक्षित हैं, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. 

ऐसे में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बेहद पुख्ता अलर्ट है. सीमा पर ऑपरेशन शुरू किया गया हैं. सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. बता दें कि अमरनाथ यात्रा एक बड़ी चुनौती है, जिसे शांतिपूर्वक शुरू और खत्म करने की जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों पर होती है. यही वजह है कि यात्रा से पहले शहरों और गांवों का चप्पा-चप्पा सुरक्षाबलों की निगरानी में है. स्क्वाड की टीम क्यूआरटी, सीआपीएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस और एसएसबी के साथ-साथ और भी कई सुरक्षा एजेंसियों पर यात्रा की जिम्मेदारी है.

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