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Agneepath scheme: सेना भर्ती योजना के विरोध में 'अग्निपथ' पर युवा, बीजेपी के सहयोगी दल ही उठा रहे सवाल

Agneepath Scheme: केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को अग्निपथ स्‍कीम की घोषणा की है.  योजना के तहत अगले तीन में महीने में युवाओं की भर्ती शुरू हो जाएगी. भर्ती होने के बाद अग्निवीरों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी. फिर उन्हें चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा. 

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बिहार के छपरा जिले में उग्र युवाओं ने ट्रेन में लगा दी आग (पीटीआई) बिहार के छपरा जिले में उग्र युवाओं ने ट्रेन में लगा दी आग (पीटीआई)
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • 14 जून को रक्षामंत्री ने लॉन्च की थी सेना भर्ती की नई योजना
  • छह महीने की बेसिक ट्रेनिंग के बाद चार साल के लिए होंगे भर्ती

केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ उत्तर भारत में युवाओं का विरोध बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को बिहार के साथ-साथ मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के युवाओं भी अब 'अग्निपथ' पर चल पड़े हैं. सड़कों पर उतर आए और जमकर उत्पात मचाया.

इस योजना को लेकर बिहार में सबसे ज्यादा गुस्सा देखने को मिल रहा है. यहां युवाओं ने आगजनी और पत्थरबाजी की. छपरा और कैमूल में ट्रेनों में जमकर तोड़फोड़ की और कुछ डिब्बों में आग लगा दी.  

वहीं उनके इस विरोध को विपक्ष के साथ-साथ उनकी पार्टी और सहयोगी दलों का साथ मिलने लगा है. बीजेपी के वरुण गांधी के साथ-साथ राहुल गांधी, ओवैसी, अमरिंदर सिंह ने भी इस योजना को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार हो: अमरिंदर सिंह

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के सहयोगी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया. सेना में कप्तान रहे अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह लंबे समय से मौजूद रेजिमेंट के विशिष्ट लोकाचार को कमजोर करेगा.

साथ ही उन्होंने आश्चर्य जताया कि सरकार को भर्ती नीति में इस तरह के मौलिक बदलाव करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, जबकि इतने सालों से देश के लिए बेहतर तरीके से काम कर रही है.

वरुण गांधी ने योजना को लेकर रक्षामंत्री को लिखा

'अग्निपथ' योजना के खिलाफ बीजेपी में भी आवाजें उठनें लगी हैं. सांसद वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि 'अग्निपथ' योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं.

युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार अतिशीघ्र योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे. जिससे देश की युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सही दिशा में हो सके. 

जदयू ने भी एक सुर में विरोध किया 

बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस योजना को लेकर विचार करना चाहिए. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्र को छात्रों से बात करनी चाहिए, ताकि मामले को शांत किया जा सके. 

ललन सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि अग्निपथ नीति को लेकर युवाओं और नौजवानों के समाने उनके भविष्य खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि 4 साल के बाद जब उन्हें आर्मी से रिटायर कर दिया जाएगा इसके बाद वे बेरोजगार हो जाएंगे. केंद्र बिना देरी के इस नीति पर पुनर्विचार करें. 

युवाओं की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि न कोई रैंक, न कोई पेंशन न 2 साल से कोई direct भर्ती  न 4 साल के बाद स्थिर भविष्य   न सरकार का सेना के प्रति सम्मान  देश के बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ सुनिए, इन्हे 'अग्निपथ' पर चला कर इनके संयम की 'अग्निपरीक्षा' मत लीजिए, प्रधानमंत्री.  

वहीं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने ट्वीट कर कहा कि सरकार की 'अग्निपथ' योजना का पूरे देश में व्यापक विरोध हो रहा है. हम अपने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते और न ही हम अपने सशस्त्र बलों की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को जोखिम में डाल सकते हैं.

पीएम की तपस्या में फिर रह गई कमी: ओवैसी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपकी 'तपस्या' में फिर से कमी रह गई. टीवी पर वापस आइए और इस TOD तोड़ भर्ती स्कीम को जल्दी वापस लीजिये. देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और कृषि व्यवस्था को बर्बाद करने के बाद अब कम से कम फौज पर रहम कीजिए.

इससे पहले उन्होंने एक वीडियो पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखा कि इन्हें कपड़ों से ना पहचानिए, ना ही गोली और बुलडोजर चलाइए. अपना गलत फैसला वापस लीजिए, देश की 66% आबादी युवाओं की है. बात को समझिए.  

देशहित में नहीं सरकार की अग्निपथ स्कीम: CPM

सीपीआई (एम) ने कहा कि ये योजना भारत के राष्ट्रीय हितों के लिए हानिकारक है. पार्टी ने कहा कि पिछले 2 साल से भारतीय सेना में कोई भर्ती नहीं हुई है. सशस्त्र बलों में नियमित सैनिकों की भर्ती के बजाय यह योजना ऐसे अनुबंधित सैनिकों को उनके चार साल बाद रोजगार की कोई अन्य संभावना नहीं छोड़ती है. यह एक खतरनाक स्थिति पैदा करता है, जहां वे निजी मिलिशिया में भर्ती हो सकते हैं.

बिहार में हो रहा सबसे ज्यादा विरोध

अग्निपथ योजना के विरोध में पिछले दो दिन से बिहार में जबरदस्त विरोध हो रहा है. गुरुवार को जहानाबाद, बक्सर, आरा, सहरसा, नवादा और मुंगेर में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला. सभी स्थानों पर छात्रों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है.

समस्तीपुर के ट्रेनों में तोड़फोड़ की.  जिससे ट्रेनों प्रभावित हो गईं. पूर्व मध्य रेल की 22 ट्रेनें रद्द कर दी गई है तो 29 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. छपरा और कैमूल में ट्रेनों में ट्रेन के डिब्बों में आग लगा दी गई. सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने साफिया सराय भागलपुर-पटना एनएच 80 पर बैरिकेडिंग लगाकर सड़क जाम कर दिया. 

बिहार के कौमूर में छात्रों ने रेल पटरियां जाम कर दीं (पीटीआई)

बिहार के नवादा के बीजेपी जिला कार्यालय में कुर्सियां और फर्नीचर में आग लगा दी गई. बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय कुमार मुन्ना का कहना है कि जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है.

भागलपुर में रेलवे ट्रैक पर बड़ी-बड़ी लकड़ियां रख दी गईं. नाथनगर में पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. एक दर्जन से ज्यादा युवाओं को हिरासत में लिया गया है. जहानाबाद में NH-83 और NH-110 जाम कर आगजनी की.

फरीदाबाद में धारा 144 लागू, दिल्ली-जयपुर NH जाम

फरीदाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है. पुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी है कि पुलिस उपद्रव करने वालों के साथ सख्ती से पेश आएगी और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कानून के तहत उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी. पुलिस आयुक्त ने कहा कि अगर कोई राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ नेशनल हाईवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा जिसमें 5 साल तक की सजा का प्रावधान है. 

गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाइवे ब्लॉक करने से लग गया लंबा जाम (पीटीआई)

गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाइवे को जाम किया गया है. बिलासपुर थाना क्षेत्र से लगते एनएच 48 को सैकड़ों युवाओं ने जाम किया है. युवाओं का कहना है कि पिछले 3 साल से फौज में भर्ती नहीं की गई है और अब सिर्फ 4 साल की भर्ती की जाएगी.

पलवल में उग्र प्रदर्शन, 5 गाड़ियां आग के हवाले    

हरियाणा के पलवल में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने जमकर प्रदर्शन किया. हिंसक प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया और 5 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. जली हुई इन 5 गाड़ियों में 4 गाड़ियां सरकारी और एक प्राइवेट वाहन बताया जा रहा है.      

पलवल में पुलिस ने गुरुवार को हालात पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग किया और प्रशासन ने इंटरनेट सेवा को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि योजना के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग 19 को जाम कर दिया. 

ग्वालियर में ट्रेन की पटरियां उखाड़ने की कोशिश    

ग्वालियर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों ने उपद्रव मचाया. युवाओं ने बिरला नगर रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ की उसके बाद भिंड-इंदौर-रतलाम इंटरसिटी और बुंदेलखंड-एक्सप्रेस में तोड़फोड़ की. युवाओं ने रेल पटरियों को भी उखाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया. अप और डाउन ट्रैक को बंद कर दिया गया.

मथुरा के दिल्ली-आगरा हाईवे जाम

प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी उपद्रव किया. थाना फरह इलाके में दिल्ली आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में युवा जुटे और रैपुराजाट गांव के पास जाम लगा दिया. जाम के कारण दोनों ओर से हाईवे पर यातायात ठप हो गया. पुलिस युवाओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया.

वहीं लखनऊ में भी अग्निपथ योजना के विरोध में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में ही प्रदर्शन किया. उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए राजभवन जाने की भी कोशिश की. 

  • क्या चार साल के लिए सेना में युवाओं की भर्ती की नीति सही है?

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