अमेरिका और इजरायल की ईरान संग जंग का आज 8वां दिन है. बीते सात दिन भी युद्ध में मिसाइल और बम रॉकेट से हमले की रफ्तार तेज है. अब सवाल है कि युद्ध को भी डील की तरह देखने वाले डोनाल्ड ट्रंप क्या ईरान को पढ़ने में भूल कर गए हैं. क्योंकि अमेरिका भले ही युद्ध को फुटबॉल मैच की तरह देख रहा हो लेकिन ईरान शतरंज के खेल की तरह जंग की लंबी तैयारी करके बैठा है.
ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को नष्ट कर दिया है. ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा, जो लोग यह सपना देख रहे हैं कि हम बिना शर्त आत्मसमर्पण कर देंगे, वे अपने इस सपने को कब्र तक साथ ले जाएंगे. ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगकर उनपर हमले बंद करने का फैसला लिया है.
श्रीलंका सरकार ने कहा है कि अमेरिकी पनडुब्बी हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत IRIS डेना के 84 नाविकों के शव ईरान भेजे जाएंगे. श्रीलंका के दक्षिणी तट गाले के पास यह जहाज डूब गया था, जिसके बाद शव बरामद किए गए. जहाज भारत के विशाखापट्टनम से नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेकर ईरान लौट रहा था. श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री अरुणा जयसेकेरा ने बताया कि शवों को फिलहाल रेफ्रिजरेशन में रखा गया है और स्थिति सामान्य होने पर उन्हें ईरान भेजा जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका को बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि तीन दिनों में ईरान की नौसेना के 42 जहाज नष्ट कर दिए गए, जिनमें कुछ बहुत बड़े जहाज भी शामिल थे. ट्रंप के मुताबिक ईरान की एयरफोर्स और संचार व्यवस्था को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और देश की ज्यादातर टेलीकम्युनिकेशन व्यवस्था ठप हो गई है. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब पहुंच गया था, लेकिन अमेरिका के ‘मिडनाइट हैमर’ नाम के B-2 हमले के बाद उसकी योजना को रोक दिया गया. ट्रंप ने कहा कि यह कदम जरूरी था और इससे पूरी दुनिया को फायदा हुआ है.
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूएई के राष्ट्रपति ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि देश इस समय युद्ध जैसे हालात से गुजर रहा है, लेकिन यूएई अपने देश, अपने नागरिकों और यहां रहने वाले सभी लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी निभाएगा. राष्ट्रपति ने कहा कि यूएई मजबूत और संयम रखने वाला देश है और कोई भी उसे आसानी से निशाना नहीं बना सकता. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
इजरायल वायुसेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर सटीक हवाई हमले किए हैं. इजरायल के अनुसार यह एयरपोर्ट ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के लिए एक अहम केंद्र है, जहां से मध्य पूर्व में हिज़्बुल्लाह जैसे सहयोगी संगठनों को हथियार और फंड पहुंचाया जाता था. इजरायली सेना ने कहा कि हमलों में IRGC कुद्स फोर्स से जुड़े सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया और कई ईरानी फाइटर जेट भी क्षतिग्रस्त हुए. इजरायल का कहना है कि हमले से पहले नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी एहतियाती कदम भी उठाए गए थे.
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार देश का एयर डिफेंस सिस्टम इस समय ईरान की ओर से आ रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों का जवाब दे रहा है. अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में जो तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे एयर डिफेंस सिस्टम की ओर से मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की कार्रवाई का परिणाम हैं. लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है.
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इराक के कुर्द क्षेत्र में ड्रोन हमला हुआ है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक शनिवार को दो संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने इरबिल प्रांत के चोमान जिले को निशाना बनाया. इनमें से एक ड्रोन चोमान के सोशल केयर ऑफिस के पास गिरा, जिससे आसपास की इमारत को नुकसान पहुंचा और वहां धुआं उठता दिखाई दिया. हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुए संघर्ष के बीच इराक और कुर्द क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं. इससे पहले ईरान समर्थित मिलिशिया समूह इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हुए कुछ हमलों की जिम्मेदारी भी ले चुके हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर आज बहुत कड़ा हमला किया जाएगा. ट्रंप के अनुसार ईरान के 'खराब व्यवहार' के कारण अब ऐसे इलाके और समूहों को भी निशाना बनाया जा सकता है जिन्हें अब तक टारगेट करने की योजना नहीं थी और जिन पर हमले से भारी तबाही और मौत हो सकती है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि लगातार हमलों के कारण ईरान बुरी तरह दबाव में है और उसने अपने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों से माफी मांगी है तथा उन पर आगे गोलीबारी न करने का वादा किया है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना का एक B-1 Lancer बॉम्बर शुक्रवार को ब्रिटेन के पश्चिमी हिस्से में स्थित RAF Fairford एयरबेस पर उतरा. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है.
ईरान की राजधानी तेहरान पर शनिवार दोपहर फिर से हवाई हमले किए गए. इससे पहले शनिवार सुबह भी शहर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों का निशाना डाउनटाउन तेहरान और वहां स्थित सरकारी इमारतें थीं. वहीं दूसरी ओर ईरान ने शुक्रवार को जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और उन खाड़ी देशों पर एक और हमलों की लहर चलाई, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं.
अजरबैजान ने कहा है कि उसने ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा योजनाबद्ध कई "आतंकवादी" हमलों को रोक दिया है, जिनमें दक्षिण काकेशस से होकर टर्की जाने वाली एक प्रमुख तेल पाइपलाइन पर हमला करने की साजिश भी शामिल थी.
राज्य सुरक्षा सेवा के बयान के अनुसार, जिन लक्ष्यों पर हमला किया जाना था उनमें बाकू-ट्बिलिसी-सेयहान (BTC) तेल पाइपलाइन, अजरबैजान में इजराइली दूतावास, एक अशकेनाजी सिनागॉग और अजरबैजान में प्राचीन यहूदी समुदाय "माउंटेन ज्यूज" के एक लीडक को निशाना बनाने की योजना शामिल थी.
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, जो लोग यह सपना देख रहे हैं कि हम बिना शर्त आत्मसमर्पण कर देंगे, वे अपने इस सपने को कब्र तक साथ ले जाएंगे. Masoud Pezeshkian ने कहा मैं पड़ोसी देशों से माफी चाहता हूं... हमारा किसी भी दूसरे देश पर हमला करने या उसे कब्जा करने का कोई इरादा नहीं है. राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले बंद करने का फैसला लिया है.
इजरायली वायुसेना के 80 से अधिक लड़ाकू विमानों ने तेहरान और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए. पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में पहचाने गए लॉन्च साइट्स को भी निशाना बनाया गया, ताकि इजरायल के क्षेत्र की ओर होने वाली मिसाइल फायरिंग को कम किया जा सके.
ईरान ने हाल ही में इजरायल पर सीमित संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. हमले के दौरान मध्य इजरायल में सायरन बजने लगे. प्रारंभिक सैन्य आकलन के अनुसार, दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
शुक्रवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में जोरदार विस्फोट हुए. इजरायल ने बेरूत पर भारी बमबारी की है. इजरायली सेना के मुताबिक, रातभर में 26 चरणों में हवाई हमले किए, जिनमें हिज़्बुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियार भंडारण ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ईरान में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. बंदर अब्बास शहर के पश्चिमी इलाके में रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया.
मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच इजरायल और वेस्ट बैंक के आसमान में मिसाइलों की गतिविधि देखी गई.
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के पहले हफ्ते में अमेरिकी बलों ने 3,000 से अधिक टारगेट्स पर हमला किया है.
आईडीएफ के मुताबिक कुछ देर पहले ईरान की ओर से इजरायल के क्षेत्र की तरफ मिसाइलें दागी गईं हैं. इन खतरों को रोकने के लिए इजरायल का डिफेंसिव सिस्टम सक्रिय है. होम फ्रंट कमांड ने प्रभावित इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन से अलर्ट रहने की सलाह दी है और जरूरी निर्देशों का पालन करने को कहा है.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और इजरायल को खुली चुनौती दे दी है. ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप में हिम्मत है तो वह तेल टैंकरों को अमेरिकी युद्धपोतों की सुरक्षा में इस रास्ते से निकालकर दिखाए.
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ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय कर दिया है.

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने की तैयारी कर रही है.
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 23वीं लहर शुरू करने की घोषणा की. इसमें कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए नई जनरेशन की मिसाइल सिस्टम के इस्तेमाल पर जोर दिया गया.
शुक्रवार को जारी बयान में आईआरजीसी के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर ने कहा कि ऑपरेशन के इस नए चरण में ड्रोन और मिसाइलों का संयुक्त हमला हिस्सा बनाया गया है.
रूस द्वारा ईरान को खुफिया जानकारी दिए जाने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा कि, अमेरिका हर गतिविधि पर करीबी नजर रख रहा है. अगर रूस ईरान की मदद कर रहा है, तो उसे भी अमेरिकी सैन्य रणनीति में शामिल किया जा रहा है.
रक्षा मंत्री ने आगे कहा अमेरिकी जनता निश्चिंत रहे, हमारे कमांडर-इन-चीफ को पूरी तरह जानकारी है कि कौन किससे बात कर रहा है. जो भी चीज नहीं होनी चाहिए, चाहे वह खुले तौर पर हो या बैक-चैनल के जरिए, उसका मजबूती से सामना किया जा रहा है.
अमेरिकी खुफिया जानकारी से परिचित दो अधिकारियों के अनुसार, रूस ने ईरान को ऐसी जानकारी दी है जो तेहरान को क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य संसाधनों पर हमला करने में मदद कर सकती है.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि आज की रात ईरान में यूनाइटेड स्टेट्स का 'सबसे बड़ा बमबारी अभियान' होगा. U.S. और इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर हमले बढ़ेंगे.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि लेबनान में इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 217 हो गई है, और 798 अन्य घायल हुए हैं. ये हमले सोमवार से शुरू हुए थे.
इजरायल एयर फोर्स की तरफ से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया. इसमें लिखा था, 'एयर फोर्स ने तेहरान में ईरानी आतंकी शासन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं.'
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने लिखा, 'ईरान और अरब भाई सदियों से प्यार, दोस्ती और आपसी सम्मान की भावना से साथ-साथ रहते आए हैं. अमेरिकी हमलावर हमारे अरब दोस्तों की जमीन से बच्चों और मासूमों को निशाना बनाते हैं. जहां तक ईरान के जवाब की बात है, तो वह जरूर अमेरिका और उसके संस्थानों के ठिकानों पर होगा.'
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्षेत्र में नवीनतम घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ फोन पर बात की.
सऊदी अरब ने मिडिल ईस्ट में बढ़ती लड़ाई को रोकने के लिए ईरान के साथ सीधे डिप्लोमैटिक बातचीत बढ़ा दी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने हाल ही में तेहरान के साथ अपने डिप्लोमैटिक बैकचैनल का ज्यादा तेजी से इस्तेमाल किया है, ताकि तनाव कम किया जा सके और पूरे इलाके में जंग को और बढ़ने से रोका जा सके.
ईरान की सेना की तरफ से सीनियर मिलिट्री प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया है, लेकिन इजरायल या अमेरिका से जुड़े जहाज वहां से नहीं गुजर सकते. इतना ही नहीं, ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता ने ट्रंप को चुनौती दी कि वे होर्मुज में अमेरिकी जहाजों से तेल टैंकरों की सुरक्षा करवाकर दिखाएं.
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें 55 रुपये/लीटर बढ़ाकर क्रमशः 335.86 और 321.17 रुपये कर दी हैं. बता दें कि ईरान जंग की वजह से तेल और गैस संकट बढ़ने की आशंका पहले से थी.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसपर कहा, '...ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जो मकसद पूरे हो सकते हैं, उनमें लगभग चार से छह हफ्ते लगने की उम्मीद है. हम उन मकसदों को पाने की राह पर हैं. ईरान की नेवी को खत्म करते हुए, हम जानते हैं कि हमने 30 से ज्यादा ईरानी जहाजों को डुबो दिया है. उनकी नेवी को अब लड़ाई में बेअसर माना गया है. ईरान से अमेरिका और इलाके में हमारे सैनिकों और बेस को जो बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा था, उसे खत्म करना. अमेरिका की सेना ने बहुत बढ़िया काम किया है.'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान के हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करने की दिशा में अमेरिका आगे बढ़ रहा है. ईरान का नया सुप्रीम लीडर कौन होगा? इस सवाल पर कैरोलिन ने कहा कि हम ईरान का नेतृत्व करने के लिए कई लोगों को देख रहे हैं.
घाना की आर्म्ड फोर्सेज ने बताया कि लेबनान में घाना की यूनाइटेड नेशंस पीसकीपिंग बटालियन के हेडक्वार्टर पर मिसाइलों से हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए.