देशभर में विपक्ष दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है. हालांकि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस मुद्दे पर अलग और संयमित रुख अपनाया है.
पार्टी की एक बैठक में बोलते हुए पवार ने चुनाव परिणामों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोट और प्रशासनिक मशीनरी के जरिए हेराफेरी की आशंका जताई, लेकिन ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग पर सीधा हमला नहीं किया. दूसरी ओर, महाराष्ट्र में विपक्षी दल जमीनी स्तर पर बड़े विरोध प्रदर्शन, जेल भरो आंदोलन और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी में जुट गए हैं.
पार्टी बैठक में विधायक जितेंद्र आव्हाड द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सहमति जताते हुए शरद पवार ने कहा कि चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए रोजाना आर्टिफिशियल तरीके अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने रूस, अमेरिका और यूरोपीय देशों के अध्ययनों व रिपोर्टों का हवाला दिया. पवार ने जोर देकर कहा कि तकनीक और एआई के फायदे जरूर हैं, लेकिन चुनावी प्रक्रियाओं में इसके नुकसान और हेरफेर की संभावना भी उतनी ही बड़ी है.
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेजी से फैल रहे हैं. मुंबई पुलिस की अनुमति न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है.
इसके साथ ही उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 29 सितंबर को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. वह दोनों 4 अक्टूबर को मुंबई में एक बड़े संयुक्त विरोध प्रदर्शन का ऐलान करने वाले हैं, जबकि कांग्रेस पहले ही प्रदर्शन शुरू कर चुकी है. वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज किया है.