भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल और लातूर ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक (Latur DCC Bank) के सात अन्य डायरेक्टरों को 10 साल के कार्यकाल की सीमा पार करने के कारण हटाने का आदेश दिया है. पाटिल उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) से जुड़े हैं.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पाटिल ने कहा कि वह RBI के आदेश को चुनौती नहीं देंगे, लेकिन 10 साल का नियम 2021 में लागू हुआ था और इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या इसे उस साल से पहले की नियुक्तियों पर लागू किया जा सकता है.
केंद्रीय बैंक का यह आदेश बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच द्वारा बैंक सदस्य सतीश शेषराव जाधव की याचिका पर दिए गए निर्देशों के बाद आया है.
RBI के असिस्टेंट जनरल मैनेजर कपिल गोस्वामी ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया.
इससे पहले, राज्य सहकारिता विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी सुधीर अमृते ने पुणे के सहकारिता आयुक्त को पत्र लिखकर उन ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंकों के डायरेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था, जिन्होंने पद पर 10 साल से अधिक समय पूरा कर लिया था.
इसके बाद, 25 मई 2026 को सतीश जाधव ने RBI के चीफ जनरल मैनेजर को शिकायत सौंपी और लातूर DCC बैंक के आठ डायरेक्टरों को अयोग्य घोषित करने की मांग की.
जाधव ने शनिवार को बताया कि शिकायत की प्रतियां डिविजनल जॉइंट रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां, लातूर डिविजन), सहकारिता आयुक्त और RBI के नाबार्ड (NABARD) सेक्शन को भी सौंपी गई थीं.