अजीत पवार के बेटे की शादी को लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों के बीच अब अहम जानकारी सामने आई है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता उमेश पाटिल ने गुरुवार (23 जुलाई) को बताया कि परिवार में माता या पिता के निधन के बाद विवाह से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं को लेकर मार्गदर्शन लेने के लिए उन्होंने करवीर पीठ के शंकराचार्य से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने सांसद पार्थ अजित पवार के विवाह की तारीख और स्थान की भी जानकारी दी.
उमेश पाटिल ने कहा कि समाज में एक प्रचलित धारणा है कि यदि परिवार में माता या पिता का निधन हो जाए तो विवाह एक वर्ष के भीतर कर लेना चाहिए, अन्यथा अगले तीन वर्षों तक परिवार में कोई विवाह नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि इसी विषय पर स्पष्टता पाने के लिए करवीर पीठ के शंकराचार्य के साथ विस्तृत चर्चा की गई.

पाटिल ने बताया कि करवीर शंकराचार्य पीठ का छत्रपति शाहू महाराज से ऐतिहासिक संबंध रहा है. इसी वजह से इस विषय से जुड़ी धार्मिक परंपराओं और प्रचलित मान्यताओं की वास्तविक स्थिति समझने के लिए उनका मार्गदर्शन लिया गया.

शंकराचार्य ने क्या कहा?
उमेश पाटिल के अनुसार, शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि परिवार में माता या पिता के निधन के बाद धर्मशास्त्रों के अनुसार निर्धारित सभी धार्मिक विधि-विधान और संस्कार विधिवत पूरे किए जाने चाहिए. हालांकि, ऐसी कोई धार्मिक अनिवार्यता नहीं है कि विवाह एक वर्ष के भीतर ही किया जाए. उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर किसी भी तरह की भ्रांति या गलतफहमी रखने की आवश्यकता नहीं है.

कब होगी शादी?
पाटिल ने बताया कि सांसद पार्थ अजित पवार का विवाह 27 फरवरी, 2027 को बारामती में संपन्न होगा. इससे पहले 29 जुलाई, 2026 को उनकी सगाई का समारोह सादगीपूर्ण और पारिवारिक माहौल में आयोजित किया जाएगा. इस समारोह में केवल परिवार के करीबी सदस्य और आमंत्रित अतिथि ही शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि पार्थ पवार की होने वाली पत्नी कायनात दारा मूल रूप से चंडीगढ़ की रहने वाली हैं और वर्तमान में दिल्ली में रहती हैं.
गलत जानकारी दी जा रही थी
उमेश पाटिल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मीडिया के कुछ वर्गों में कायनात दारा के नाम और जन्मस्थान को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई. ऐसे में तथ्यों को स्पष्ट करने और किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से यह आधिकारिक जानकारी जारी की गई है.