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नागपुर के सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज में मुस्लिम प्रोफेसर पर लगा छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, VHP का प्रदर्शन

नागपुर के वाठोडा स्थित सिम्बायोसिस लॉ यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर पर छात्रा को कथित तौर पर अश्लील और धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगा है. छात्रा के पिता और प्रोफेसर के बीच विवाद की भी जानकारी सामने आई है. विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की. फिलहाल पुलिस शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है.

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प्रोफेसर पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, VHP का प्रदर्शन.  (Photo: Screengrab)
प्रोफेसर पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, VHP का प्रदर्शन. (Photo: Screengrab)

महाराष्ट्र के नागपुर स्थित सिम्बायोसिस लॉ यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेसर पर छात्रा को कथित तौर पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगा है. छात्रा के परिजनों का दावा है कि इन संदेशों में धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गई थीं. मामला सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन हुआ. विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य संगठनों ने संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने आया है.

जानकारी के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के पिता बुधवार को कॉलेज परिसर पहुंचे. यहां उन्होंने संबंधित प्रोफेसर से कथित आपत्तिजनक मैनेजर को लेकर जवाब मांगा. इस दौरान विवाद होने और छात्रा के पिता द्वारा प्रोफेसर को थप्पड़ मारने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इस घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. छात्रा के परिजनों का आरोप है कि प्रोफेसर की ओर से भेजे गए संदेशों में अश्लील बातों के साथ धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां थीं. इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला कॉलेज परिसर से बाहर भी चर्चा में आ गया.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़े होने की जानकारी

जानकारी के अनुसार, आरोपों के घेरे में आए प्रोफेसर ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है. बताया जा रहा है कि वह इससे पहले हैदराबाद के एक निजी कॉलेज में कार्यरत थे. फिलहाल वह नागपुर के वाठोडा स्थित सिम्बायोसिस लॉ यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं. हालांकि, प्रोफेसर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पहले की नौकरी से जुड़ी जानकारी से उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं होते. मामले में उनके पक्ष और आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है.

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मामले को लेकर शनिवार को विश्व हिंदू परिषद और विभिन्न छात्र संगठनों के लोगों ने कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपों को गंभीर बताते हुए कॉलेज प्रशासन से संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोफेसर को निलंबित किया जाना चाहिए और जांच के बाद उचित कार्रवाई होनी चाहिए. इसके साथ ही कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई. प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर के आसपास तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला. स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से परिसर के आसपास भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है.

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कॉलेज प्रशासन ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ 15 दिनों के भीतर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. हालांकि, अभी तक शिक्षक को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है. इस वजह से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बनी हुई है. कॉलेज प्रशासन की ओर से कथित संदेशों की प्रकृति, आरोपों की जांच और संबंधित प्रोफेसर के पक्ष को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है. ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे.

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सोशल मीडिया पर भी चर्चा

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है. बताया जा रहा है कि कॉलेज के छात्र-छात्राएं प्रोफेसर से जुड़ी विभिन्न पोस्ट और स्टोरी साझा कर रहे हैं. हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा की जा रही सामग्री अपने आप में आरोपों की पुष्टि नहीं करती. फिलहाल, इस पूरे मामले में कई अहम सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं. छात्रा के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस में शिकायत दर्ज होने की भी पुष्टि नहीं है और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. संबंधित प्रोफेसर का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में मामले को आरोपों और प्रदर्शन तक सीमित तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए. आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.
 

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