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मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट', पालघर में Red Alert

मुंबई के कई इलाकों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. जानकारी के मुताबिक 6 जुलाई तक मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भारी बारिश की संभावना है. पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है.

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पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई में बारिश ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. (Photo: PTI)
पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई में बारिश ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. (Photo: PTI)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई के लिए अगले कुछ दिनों तक 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. मौसम विभाग ने तेज हवाओं, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मुंबई में शुक्रवार तक कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. पालघर जिले में आंधी-तूफान की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट भी जारी किया गया है.

बता दें, सामान्य से करीब 13 दिन की देरी के बाद 23 जून को मुंबई पहुंचे मॉनसून के शुरुआती दौर में सांताक्रूज वेधशाला में 225 मिमी और कोलाबा वेधशाला में 248 मिमी बारिश दर्ज की गई थी. हालांकि इस शुरुआत के बाद मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई, लेकिन अब कुछ दिनों की सुस्ती के बाद दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर महाराष्ट्र और मुंबई में सक्रिय हो गया है.

पिछले 24 घंटों के दौरान मुंबई में बारिश ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. इस अवधि में कोलाबा में 30 मिमी और सांताक्रूज में 103 मिमी बारिश दर्ज की गई.

आने वाले दिनों में मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है. मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के इलाकों में 6 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है.

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स्काईमेट वेदर के अनुसार, लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने से दिन का तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना बना रहेगा.

हालांकि, तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ जैसी स्थिति, ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है.

पानी की किल्लत से मिलेगी राहत

जुलाई और अगस्त मुंबई में सबसे अधिक बारिश वाले महीने माने जाते हैं. इस दौरान भारी बारिश के चलते जलभराव, बाढ़ और ट्रैफिक बाधित होने जैसी स्थितियां आम मानी जाती है. 

हालांकि, इस बार मॉनसून की शुरुआत के बाद बारिश में आई कमी के कारण शहर के जलाशयों का जलस्तर अपेक्षित रफ्तार से नहीं बढ़ पाया था. इसके चलते कई इलाकों में पानी की आपूर्ति में कटौती भी करनी पड़ी.

अब बारिश के चलते जलाशयों में पानी का भंडारण तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. इससे पानी की किल्लत काफी हद तक दूर हो सकती है.

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