मुंबई के घाटकोपर में निर्माणाधीन रोड ओवरब्रिज के डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है. परियोजना का 30 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद, अब तीन पियर कैप्स को आंशिक रूप से तोड़ा जा रहा है.
इस बदलाव के कारण स्थानीय लोगों को भारी ट्रैफिक जाम और देरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं.
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) ने मिलकर इस ब्रिज को टू-टियर (दो मंजिला) व्यवस्था में बदलने का फैसला किया है.
इसका मकसद स्थानीय पूर्व-पश्चिम यातायात और अंधेरी और ईस्टर्न एक्सप्रेसवे के बीच लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग करना है.
संशोधित योजना के तहत, श्रेयस (LBS) जंक्शन और पंत नगर जंक्शन के बीच मौजूदा सड़क स्तर पर एक दूसरा सेकेंडरी ROB बनाया जाएगा. इसके लिए तीन संरचनाओं- पियर कैप्स R, RP16 और RP17 में संशोधन किया जाएगा.
ट्रैफिक को सरल बनाने की कवायद
MRIDC ने एक बयान में कहा, 'संशोधित प्रस्ताव के तहत स्थानीय घाटकोपर के लोगों के लिए एक निचले स्तर का संपर्क मार्ग बनाया जा रहा है ताकि उन्हें लंबे रास्तों से न गुजरना पड़े. वहीं, मुख्य केबल-स्टेयेड ब्रिज की ऊंचाई को कुछ मीटर बढ़ाने से अंधेरी और ईस्टर्न एक्सप्रेसवे के बीच चलने वाले भारी ट्रैफिक को आसानी होगी.'
अधिकारियों का कहना है कि इस पुल की योजना अगले 80 से 100 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है. पहले इस प्रोजेक्ट में 2+2 लेन की व्यवस्था थी, जिसे भविष्य की ट्रैफिक डेंसिटी को देखते हुए बढ़ाकर 3+3 लेन कर दिया गया है. इसके अलावा, भारी वाहनों के आने-जाने के लिए पियर की वर्टिकल क्लीयरेंस को 4 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर कर दिया गया है.
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हालांकि अधिकारियों का मानना है कि ये बदलाव भविष्य के लिए बेहतर है, लेकिन निर्माण कार्य में देरी और डिजाइन में बदलाव के कारण स्थानीय निवासियों और स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को रोजाना ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. लोग जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं.