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'मुझे गोली मारने की साजिश, लेकिन मैं...', बोले मनोज जरांगे, मुंबई मार्च की नहीं मिली परमिशन

मराठा आरक्षण के लिए प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई मार्च के लिए मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है. वहीं, जरांगे ने इस मार्च के दौरान उन्हें मारने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है.

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मनोज जरांगे पाटिल के 19 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को मुंबई पुलिस ने नहीं दी अनुमति (Photo-PTI)
मनोज जरांगे पाटिल के 19 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को मुंबई पुलिस ने नहीं दी अनुमति (Photo-PTI)

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने उनके शांतिपूर्ण मार्च के दौरान उन्हें मारने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने साफ कहा है कि वे किसी के भी दबाव में झुकने वाले नहीं है. मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे पाटिल के विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है.

महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में समर्थकों और मीडिया से बात करते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि सत्ताधारी पार्टियों से जुड़े लोगों को उनके मार्च में अफरा-तफरी मचाने और उन्हें निशाना बनाने के इरादे से भेजा जा सकता है. बता दें, रविवार को उनकी भूख हड़ताल का 16वां दिन है. 

'मैं घुटने नहीं टेकूंगा'

मीडिया से बात करते हुए जरांगे ने कहा कि वे किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा, "मैं मौत को गले लगा लूंगा लेकिन घुटने नहीं टेकूंगा." उन्होंने एक बार फिर सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन से पहले मामले को सुलझाने के लिए सरकार के पास आठ दिन हैं. 

जरांगे ने ये भी कहा कि उनके समर्थक कुछ मंत्रियों को राजनीतिक चेतावनी भी दे सकते हैं. उन्होंने कहा, "जब कोई सांप की पूंछ पर पैर रखेगा तो हमें जवाब देना ही पड़ेगा." जरांगे ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टियों से जुड़े लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं. उनका दावा है कि मुंबई तक उनके प्रस्तावित मराठा मार्च के दौरान गड़बड़ी करने की साजिश रची जा रही है. 

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यह भी पढ़ें: मराठा आरक्षण पर फिर आंदोलन करेंगे जरांगे, 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

शनिवार को जरांगे ने घोषणा की थी कि वे अपने समर्थकों के साथ 15 सितंबर को मुंबई के लिए निकलेंगे और आजाद मैदान में 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत करेंगे. जरांगे ने गणेशोत्सव के दौरान मार्च निकालने का आह्वान किया है. रविवार को जरांगे ने दावा किया कि बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कुछ मराठा विधायक उनके समर्थकों को फोन कर रहे हैं और मार्च में न शामिल होने की बात कर रहे हैं. 

'वे मुझे निशाना बनाना चाहते हैं'

जरांगे ने आरोप लगाया कि मार्च के दौरान उन्हें गोली मारने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा, "वे मराठों को नहीं मारना चाहते, बल्कि मुझे निशाना बनाना चाहते हैं. लेकिन मैं घुटने नहीं टेकूंगा." उन्होंने अपने समर्थकों से साफ कहा है कि अगर उन्हें डर है तो वे मार्च में शामिल न हो. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें मुंबई तक मार्च करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर उनकी अंतिम यात्रा में भी शामिल होना चाहिए. 

जरांगे का कहना है कि उनकी ओर से विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए आवेदन दिया गया था लेकिन सरकार इस आंदोलन पर शर्तें लगा सकती है. बता दें, मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई मार्च के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा, "मैं मुंबई जा रहा हूं, मेरी क्या गलती है? क्या मैं कोई कानून तोड़ रहा हूं? अगर आप इसमें कोई शर्तें लगाना चाहें तो लगाएं."

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'मैं आत्मसमर्पण नहीं करूंगा'

जरांगे ने कहा, "जब हमने शिंदे का सम्मान किया, तो मराठा उनके लिए प्रिय थे. अगर फडणवीस हमारी सभी मांगें मान लेते हैं और लड़ाई जीत जाते हैं, तो दूसरों का क्या होगा?"

यह भी पढ़ें: 'विरोध करना अधिकार है, हम नहीं रोक सकते', मनोज जरांगे के प्रदर्शन पर बॉम्बे हाई कोर्ट

जरांगे ने यह भी कहा कि वे अपने या अपने सहयोगियों के खिलाफ किसी भी सरकारी जांच से नहीं डरेंगे. उन्होंने साफ कहा है कि वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, "मैं मौत स्वीकार कर लूंगा लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करूंगा." 

बता दें, पिछले साल 29 अगस्त को जरांगे ने मराठा आरक्षण की अपनी मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी. हालांकि, सरकार द्वारा उनकी कुछ मांगें मान लेने के बाद इसे वापस ले लिया गया था.

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