संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हाल ही में हुई बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. वाराणसी के महापौर (मेयर) अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दावा किया है कि शहर के मुख्य सीवर लाइनों और मैनहोल में जानबूझकर बालू से भरी बोरियां, लकड़ी का बुरादा, पत्थर और प्लाई ठूंसकर सीवर को चोक किया गया था, ताकि काशी और नगर निगम को बदनाम किया जा सके.
मेयर अशोक तिवारी ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव की सोची-समझी साजिश होने का सीधा आरोप लगाया है.
अखिलेश यादव की सोशल मीडिया पोस्ट पर मेयर का पलटवार
मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी के जिन-जिन जलभराव वाले इलाकों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे, जब नगर निगम की टीम ने वहां जाकर सफाई और जांच शुरू की, तो ठीक उन्हीं जगहों के मैनहोल से बालू और मलबे से भरी दर्जनों बोरियां बरामद हुईं.
मेयर ने कहा, "जिस इलाके में बोरियां मिलीं, ठीक उसी जगह की तस्वीर अखिलेश यादव ने पोस्ट की. इससे साफ है कि विरोधियों ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी की व्यवस्था को बिगाड़ने और इसे वैश्विक स्तर पर बदनाम करने का सुनियोजित खाका तैयार किया था."
उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों से भ्रामक अभियानों के जरिए वाराणसी नगर निगम और जलकल विभाग को निशाना बनाया जा रहा था. देखें VIDEO:-
मैनहोल से निकलीं बालू की बोरियां और लकड़ी का बुरादा
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सीवर का पानी बैक मारने लगा था. जब शिवाला, सरायनंदन और नगवा समेत आधा दर्जन से अधिक वार्डों की मुख्य सीवर लाइनों की सफाई कराई गई, तो मैनहोल के अंदर से बालू और मलबे से भरी दर्जनों बोरी, लकड़ी का बुरादा और प्लाई के टुकड़े और भारी पत्थर और प्लास्टिक की सामग्रियां निकाली गईं. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि यह सामान्य गंदगी नहीं बल्कि किसी के द्वारा जानबूझकर सीवर को पूरी तरह जाम करने की शरारत है.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिशासी अभियंता की ओर से संबंधित पुलिस थाने में अज्ञात अराजक तत्वों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के लिए लिखित तहरीर सौंप दी गई है.
वार्ड पार्षदों का कहना है कि शहर में 100 करोड़ रुपये के सीवर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है और आगामी 6 महीनों में सीवर जल की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी. लेकिन इस तरह की हरकतों से जनता को परेशान करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.