महाराष्ट्र के लातूर में सूखे और फसल खराब होने के बीच एक और किसान की मौत का मामला सामने आया है. रेनापुर तहसील के पालशी गांव में 60 वर्षीय किसान जीवन गव्हाणे ने मंगलवार रात अपने खेत में पेड़ से लटककर जान दे दी. परिवार का कहना है कि फसल खराब होने के बाद उन पर करीब 1.90 लाख रुपये का कर्ज हो गया था.
परिवार के मुताबिक, जीवन गव्हाणे पर करीब 1.90 लाख रुपये का कर्ज था. इसमें करीब 90 हजार रुपये एक निजी बैंक के थे, जबकि लगभग 1 लाख रुपये एक साहूकार से लिए गए थे. परिवार का दावा है कि फसल खराब होने के कारण कर्ज का बोझ बढ़ता गया और इसी परेशानी में उन्होंने यह कदम उठाया.
जीवन गव्हाणे का शव उनके खेत में पेड़ से लटका मिला. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. रेनापुर पुलिस का कहना है कि किसान की मौत की जानकारी मिली है, लेकिन अभी आत्महत्या की सही वजह साफ नहीं है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र के करीब 80 फीसदी तालुका गंभीर सूखे की स्थिति से जूझ रहे हैं. बारिश की कमी और फसल खराब होने ने खेती पर निर्भर परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
3 दिन में आत्महत्या के 2 मामले
लातूर में किसान संकट का यह कोई पहला मामला नहीं है. इसी हफ्ते रेनापुर इलाके में 44 वर्षीय किसान सुभाष कुऱ्हाडे की आत्महत्या की खबर सामने आई थी. उनके परिवार ने जानकारी दी कि वह फसल के नुकसान और सूखे को लेकर कई दिनों से परेशान थे. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने लातूर में खेती, बारिश और किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव की चिंता बढ़ा दी है. अब जीवन गव्हाणे की मौत के पीछे की असली वजह पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी.