मुंबई के पास भिवंडी में गुरुवार रात 'कोहिनूर' नाम की एक 4 मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभरा कर ढह गई. इमारत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हादसे में मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है.
चश्मदीदों और स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, इस हादसे में 8 से 10 लोगों के मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम, भिवंडी पुलिस के जवान, दमकल विभाग की गाड़ियां और नगरपालिका के अधिकारी मौजूद हैं.
पोकलेन मशीनों और आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके.
नींव कमजोर होने के चलते गिरी इमारत!
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि पिछले कुछ दिनों से इस पुरानी इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था. ठेकेदार और मजदूरों ने मरम्मत के दौरान इमारत के 3 पिलर तोड़ दिए थे. पिलर टूटने की वजह से इमारत की नींव कमजोर हो गई और वो अपना संतुलन खोकर पूरी तरह जमींदोज हो गई.
समय रहते बाहर निकले ज्यादातर लोग
इस भीषण हादसे के बीच राहत की बात ये रही कि इमारत ढहने से ठीक पहले कुछ सुगबुगाहट और आवाज हुई थी. खतरा भांपते ही ज्यादातर रहवासी समय रहते इमारत से बाहर भाग निकले, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया.
हालांकि, पहली मंजिल पर रहने वाले कुछ लोग और वहां काम कर रहे मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं. जिला प्रशासन और आपातकालीन टीमों की पहली प्राथमिकता मलबे को साफ कर सभी फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने की है.