scorecardresearch
 

अविमुक्तेश्वरानंद के बचाव में उतरे स्वामी सदानंद सरस्वती, बोले- यह साजिश है, सनातन को बदनाम किया जा रहा

झारखंड के चाईबासा से एक बड़ा बयान सामने आया है. द्वारिका शारदापीठाधीश्वर स्वामी सदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों को साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह सुनियोजित राजनीतिक साजिश है. सनातन धर्म के आचार्यों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

Advertisement
X
स्वामी सदानंद सरस्वती ने किया अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन. (Photo: Screengrab)
स्वामी सदानंद सरस्वती ने किया अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन. (Photo: Screengrab)

द्वारिका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश है. उनके मुताबिक, सनातन धर्म के आचार्यों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, खासकर तब जब वे गौ हत्या जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाते हैं. स्वामी सदानंद सरस्वती यहां पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर क्षेत्र में स्थित पारलीपोस के विश्व कल्याण आश्रम में मौजूद थे.

स्वामी सदानंद सरस्वती ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है. उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म के आचार्यों की छवि धूमिल करने की सोची-समझी कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि जब कोई आचार्य गौ हत्या या सनातन सिद्धांतों की बात करता है, तो उसे भटकाने और बदनाम करने का प्रयास शुरू हो जाता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई है, इसलिए उस पर सवाल उठाना अनुचित है.

swami sadananda supports avimukteshwaranand calls allegations political conspiracy

धर्मांतरण पर दिया सख्त बयान

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अज्ञानता का फायदा उठाकर प्रलोभन के जरिए धर्मांतरण कराया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पीछे हटे... बोले- पुलिस-सरकार से नहीं मिली मदद

Advertisement

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, जिससे मिशनरी संस्थाएं सुविधा और सहायता का लालच देकर लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित करती हैं. उन्होंने कहा कि धर्म बदलने वालों का नाम आधार कार्ड से हटाने तक की कार्रवाई होनी चाहिए. जैसे कोई अपने माता-पिता को नहीं बदल सकता, वैसे ही अपने पूर्वजों से मिले धर्म को भी नहीं त्याग सकता.

‘सनातन को समाप्त नहीं किया जा सकता’

स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू और सनातन धर्म को कोई समाप्त नहीं कर सकता. उन्होंने दावा किया कि इतिहास गवाह है, तमाम प्रयासों के बावजूद सनातन परंपरा कायम रही है और आगे भी रहेगी. 

उन्होंने न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि देश में न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होता है, जो स्वयं में अन्याय है. उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़े तो संविधान में संशोधन कर न्याय प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए. जब संविधान में सौ से अधिक बार संशोधन हो चुका है, तो देशहित में बदलाव से परहेज क्यों?

---- समाप्त ----
(रिपोर्ट: जय कुमार तांती)
Live TV

Advertisement
Advertisement