जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की है. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चा तेज है. उपराज्यपाल से मुलाकात कर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कैबिनेट में बदलाव और विस्तार पर चर्चा हुई है.
उन्होंने अगले हफ्ते की शुरुआत में उपराज्यपाल से इसके लिए समय देने का अनुरोध किया है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी और उपराज्यपाल की पिछली मुलाकात को काफी समय हो गया था इसलिए उन्होंने आज उनसे मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कुछ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की और उपराज्यपाल से उनकी राय ली. अब कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया उपराज्यपाल की ओर से समय तय किए जाने के बाद आगे बढ़ेगी.
जानकारी के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरंक्षक फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की थी. फारूक अब्दुल्ला ने प्रस्तावित बदलावों को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है. उमर ने अपनी पार्टी के विधायकों को साफ संदेश दिया है कि फैसला लिया जा चुका है. ऐसे में अब उनके और फारूक अब्दुल्ला के पास आने की जरूरत नहीं है. उन्होंने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि सूची फाइनल हो चुकी है.
'सूची में नहीं होगा बदलाव'
उन्होंने कहा, 'मेरे या फारूक अब्दुल्ला के पास आने की कोई जरूरत नहीं है. इसका कोई फायदा नहीं है. सूची पहले ही तैयार हो चुकी है, इसमें अब कोई बदलाव नहीं हो सकता.'
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उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेताओं से लंबे-लंबे व्हास्टएप मैसेज भेजना बंद करने की अपील की है. उन्होंने नेताओं को धैर्य रखने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, 'जिसे मंत्री बनना है, वह बनेगा ही. यह अल्लाह की मर्जी है और फिर पार्टी का फैसला है, इसलिए धैर्य रखें.'
नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार मंत्रिपरिषद में खाली पड़े तीन पदों को भर सकती है. फिलहाल जम्मू-कश्मीर की 9 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में ये पद खाली हैं. इस स्थिति में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की एकता को बनाए रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार करना है.
जम्मू-कश्मीर पीपल कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान को हैरान करने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से उमर अब्दुल्ला ने बयान दिया वह नीचा दिखाने वाला और अपमानजनक था.
उन्होंने कहा, 'अगर आप उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं दे सकते, तो कम से कम उन्हें सबके सामने शर्मिंदा तो न करें.'