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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्रियों की VIP सुरक्षा होगी वापस

जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के एक महीने बाद राज्य सरकार के मंत्रियों की सुरक्षा वापस होगी. राज्यपाल दफ्तर से मंजूरी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के वीआईपी सुरक्षा महकमे को निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के अंदर न सिर्फ पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा वापस की जाए, बल्कि मंत्रियों के सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों के गाड़ियों के काफिले भी हटाए जाएं.

फाइल फोटो फाइल फोटो

जम्मू एवं कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के एक महीने बाद राज्य सरकार के मंत्रियों की सुरक्षा वापस होगी. राज्यपाल दफ्तर से मंजूरी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के वीआईपी सुरक्षा महकमे को निर्देश दिया गया है कि दो दिनों के अंदर न सिर्फ पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा वापस की जाए, बल्कि मंत्रियों के सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों के गाड़ियों के काफिले भी हटाए जाएं.

हालांकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के निलंबित होने की वज़ह से इन पूर्व मंत्रियों और विधायक को मिली सुरक्षा जारी रहेगा. राज्य पुलिस की तरफ से जारी आदेश में विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह की सुरक्षा में किसी भी तरह की कटौती से साफ मना किया गया है यानी विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह की सुरक्षा जारी रहेगी.

वहीं, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और फारूक़ अब्दुल्ला को केंद्र से सुरक्षा मिली हुई है. सूत्रों के मुताबिक इसमें कोई कटौती नहीं होगी. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी को आदेश पर अमल करने और दो दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा है.

सुरक्षा महकमे के सूत्रों का यह भी कहना है कि जिले के एसएसपी विधायकों के खतरे का आंकलन कर स्थानीय लेवल पर जिला पुलिस की सुरक्षा जारी रख सकते हैं. पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय को ये आदेश इसलिए देना पड़ा, क्योंकि कुर्सी जाने के बाद भी मंत्रियों ने न तो सरकारी सुरक्षा वापस की और न ही काफिले.

ये मंत्री पद से हटने के बावजूद गाड़ियों के काफिले के साथ चलते हैं. हालांकि पुलिस महकमा अब सभी विधायकों को आतंकी गुटों से खतरे का दोबारा से आंकलन करने के लिए खुफिया महकमे की मदद ले रही है.

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