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'दो दिन और एक रात मौत से जंग...', नेपाल त्रासदी से मौत को मात देकर लौटे भारतीय ने सुनाई खौफनाक दास्तान

नेपाल त्रासदी में फंसे मंडी के 50 वर्षीय ज्ञान सिंह दो दिन तक मौत से जूझने के बाद सुरक्षित घर लौट आए. नेपाल के पावर प्रोजेक्ट में फोरमैन ज्ञान सिंह को सेना ने हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया. उनकी पत्नी ने बताया कि दूसरे दिन फोन आने पर परिवार ने राहत की सांस ली.

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नेपाल त्रासदी में फंसे ज्ञान सिंह दो दिन बाद सुरक्षित घर लौटे.(Photo- ITG)
नेपाल त्रासदी में फंसे ज्ञान सिंह दो दिन बाद सुरक्षित घर लौटे.(Photo- ITG)

नेपाल त्रासदी में जहां सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी, वहीं कुछ खुशनसीब ऐसे भी हैं, जो एक तरह से मौत को मात देकर वापस अपने घर लौट आए हैं. इन्हीं में से एक हैं मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाले मलोह गांव निवासी 50 वर्षीय ज्ञान सिंह. ज्ञान सिंह बीते करीब 30 वर्षों से पावर प्रोजेक्ट में ही काम कर रहे हैं. बीते 8 महीनों से वह नेपाल के एक पावर प्रोजेक्ट में बतौर फोरमैन कार्यरत थे. जिस दिन हादसा हुआ, उस दिन भी वह प्रोजेक्ट के पावर हाउस में अपनी सेवाएं दे रहे थे.

ज्ञान सिंह ने बताया कि अचानक पानी का सैलाब आ गया और हम सभी पहाड़ी की तरफ भागे. नेपाली वायुसेना के अलावा बचने की और कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी. एक रात और दो दिनों तक मौत से आमना-सामना करते रहे. एक समय ऐसा भी आ गया था कि बचने का कोई रास्ता कहीं से नजर नहीं आ रहा था. फिर भी हिम्मत बनाए रखी. बाद में नेपाल की आर्मी ने हेलिकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू किया, तब जाकर अपनी जान बचा पाए.

ज्ञान सिंह ने बताया कि जहां वे खुद फंसे थे, वहां उनके साथ 100 लोगों का एक दल था. इनमें से एक को छोड़कर बाकी सभी को बाहर निकाल लिया गया है. एक युवक अभी भी अंदर ही फंसा हुआ है. ज्ञान सिंह ने बताया कि उनके पूरे प्रोजेक्ट के 98 लोग अभी भी लापता हैं. इस प्रोजेक्ट में उनके साथ हिमाचल के चार अन्य लोग भी थे, जिनमें से तीन सुरक्षित लौट आए हैं, जबकि ऊना जिले का एक युवक अभी भी लापता है. सुरक्षित बचे अन्य दो हिमाचलियों में एक मंडी जिले के तल्याहड़ से हैं, जो दिल्ली में ही रहते हैं और दूसरे शिमला जिले के रामपुर के रहने वाले हैं.

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सही सलामत घर पहुंचे

ज्ञान सिंह की धर्मपत्नी कलावती ने बताया कि हादसे के बाद उनका अपने पति के साथ कोई संपर्क नहीं हो रहा था, तो मन में तरह-तरह के ख्याल आ रहे थे. लेकिन दूसरे दिन जब उनके पति का फोन आया, तो राहत की सांस ली. कलावती के अनुसार, आज देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही उनके पति सही सलामत घर पहुंचे हैं. कलावती का यह भी कहना है कि वह इतने घबरा गए थे कि इसकी सूचना प्रशासन और सरकार को भी नहीं दे सके.

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