पंचकूला के स्कूल में हैवानियत का शिकार हुई मासूम बच्ची की जिंदगी में अब धीरे-धीरे उम्मीद की किरण लौट रही है. जिस बच्ची की सलामती के लिए पिछले कई दिनों से देशभर के लोग दुआएं मांग रहे थे, उसकी सेहत में सुधार की खबर ने हर किसी को राहत दी है. चंडीगढ़ के PGI में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही मासूम ने अब पहली बार अपने मुंह से खाना खाया है. उसने खिचड़ी का पहला निवाला लिया तो मां-बाप की आंखें खुशी के आंसुओं से भर आईं.
जिस घर में कई दिनों से बेटी की सलामती की दुआएं हो रही थीं, वहां अब उम्मीद ने दस्तक दी है. मां की गोद में सुकून से बैठी बच्ची को देखकर परिवार के चेहरे पर राहत नजर आई. माता-पिता के लिए बेटी का खिचड़ी खाना किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं था. जिस मासूम को जिंदगी की पटरी पर लौटते देखने के लिए परिवार की आंखें तरस गई थीं, उसका पहला निवाला उनके लिए बेहद भावुक पल बन गया.
देशभर की दुआओं का परिवार ने जताया आभार
इस मुश्किल वक्त में बच्ची के परिवार को देशभर के लोगों का साथ मिला. सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक, हर कोई मासूम के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा था. अनजान लोग भी इस बच्ची की जिंदगी बचाने की प्रार्थना कर रहे थे. अब उसकी हालत में सुधार के बाद परिवार ने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है.
बच्ची के माता-पिता ने वीडियो जारी कर देशभर के लोगों के प्रति आभार जताया. वहीं, बच्ची के चाचा फाजिल ने भी वीडियो के जरिए लोगों को धन्यवाद दिया. परिवार ने इस कठिन समय में मिले प्यार, दुआओं और हौसले को अपनी ताकत बताया.
अभी जारी है जिंदगी की जंग
फिलहाल बच्ची चंडीगढ़ PGI में डॉक्टरों की निगरानी में उपचाराधीन है. उसकी हालत में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए अभी इलाज जारी है. परिवार को उम्मीद है कि उनकी नन्ही परी जल्द ही पूरी तरह ठीक होकर फिर से सामान्य जिंदगी में लौटेगी.
जिस मासूम के लिए पूरा देश दुआ कर रहा था, उसके मुंह में खिचड़ी का पहला निवाला जाना सिर्फ एक छोटी-सी घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी वजह बन गया है.
(इनपुट- उमंग श्योराण)