भारतीय सेना ने एक अहम मानवीय मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए एक सेवारत जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वेस्टर्न कमांड की आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन ने रात के समय PGIMS रोहतक से डोनेट की गई किडनी को हवाई रास्ते से कमांड हॉस्पिटल, चंडीमंदिर पहुंचाया, जहां JCO के लिए इसका सफल ट्रांसप्लांट किया गया.
मिशन के दौरान सेना की एविएशन टीम ने तेजी और सटीकता के साथ काम किया. बेहतर तालमेल के जरिए किडनी को समय पर कमांड हॉस्पिटल, चंडीमंदिर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने किडनी का सफल ट्रांसप्लांट किया. इस पूरे मिशन में सिविल प्रशासन ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया. किडनी को तेजी और बिना किसी रुकावट के अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया गया. इससे ऑर्गन की तेज और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिली.
इस जीवनरक्षक मिशन के केंद्र में अंगदाता के परिवार का निस्वार्थ फैसला रहा. परिवार ने अपने प्रियजन के निधन के बाद अंगदान का निर्णय लिया, जिससे एक सैनिक को जिंदगी का दूसरा मौका मिल सका. गहरे दुख के बीच परिवार का यह फैसला उम्मीद की एक किरण बना.
सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया
सेना की एविएशन टीम, मेडिकल टीम और सिविल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से यह पूरा मिशन सफल हुआ. समय की चुनौती के बीच किडनी को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया और डॉक्टरों की टीम ने उसका सफल प्रत्यारोपण किया. यह मिशन अंगदान, प्रशासनिक सहयोग और भारतीय सेना की तत्परता का उदाहरण बना.एक परिवार के कठिन फैसले ने किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन को बचाने का रास्ता बनाया और समय के खिलाफ चलाए गए इस अभियान ने एक सैनिक को जिंदगी का दूसरा मौका दिया.