सांप दिखते ही अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाते हैं. लेकिन गुजरात के सूरत में एक बुजुर्ग के साथ कुछ ऐसा हुआ कि वह सांप के डसने के बाद भी घबराए नहीं. सांप ने उन्हें पैर में दो बार डसा. इसके बाद बुजुर्ग ने लकड़ी के डंडे से सांप पर हमला किया और उसे मार दिया. इलाज के लिए अस्पताल जाते समय बुजुर्ग उस मरे हुए सांप को भी अपने साथ ले गए. उन्होंने सांप को एक प्लास्टिक की थैली में भरा और 108 एंबुलेंस से सूरत के स्मीमेर अस्पताल पहुंच गए.
मामला सूरत के सणिया गांव का है. यहां रूडा इंडस्ट्रीज में काम करने वाले अशोकभाई कोटडिया काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक एक सांप ने उनके पैर में दो बार डस लिया. सांप के डसने के बाद अशोकभाई ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने लकड़ी का एक डंडा उठाया और सांप पर वार कर दिया. सांप की मौके पर ही मौत हो गई.

इसके बाद अशोकभाई ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी. लेकिन अस्पताल जाने से पहले उन्होंने एक और काम किया. जिस सांप ने उन्हें डसा था, उसके शव को प्लास्टिक की थैली में रख लिया. 108 एंबुलेंस के जरिए अशोकभाई इलाज के लिए सूरत के स्मीमेर अस्पताल पहुंचे. उनके हाथ में एक प्लास्टिक की थैली थी. थैली के अंदर मरा हुआ सांप था.
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जब अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने थैली में सांप को देखा तो वे भी एक पल के लिए चौंक गए. बुजुर्ग ने डॉक्टर को बताया कि इसी सांप ने उन्हें काट लिया है. इसके बाद मरीज का इलाज शुरू किया गया. फिलहाल अशोकभाई कोटडिया डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है. अस्पताल तक मरे हुए सांप को थैली में लेकर पहुंचने का उनका तरीका लोगों को हैरान कर रहा है. हालांकि, सांप के काटने की किसी भी घटना में प्राथमिकता तुरंत सुरक्षित तरीके से मेडिकल हेल्प लेना है. मरीज की हालत और सांप की पहचान को लेकर अंतिम फैसला विशेषज्ञ ही करते हैं.