झारखंड के सिमडेगा जिले में आठ साल पुराने रेप के मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे निरंजन सिंह की अदालत ने आरोपी शाहिद मियां को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया.
यह मामला सिमडेगा के बानो थाना में वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था. मामला अपराध संख्या 51/18 से जुड़ा है. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 जुलाई 2018 को पीड़िता बानो बाजार गई थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात उसके परिचित शाहिद मियां से हुई. आरोपी ने युवती को घर छोड़ने का भरोसा दिलाया और बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया. जहां उसने युवती के साथ रेप किया और घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी दी.
घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी. इसके बाद वह परिवार के साथ बानो थाना पहुंची और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की. तफ्तीश के दौरान पुलिस को आरोप सही मिले, जिसके बाद शाहिद मियां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए. सभी पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं.
बुधवार को सुनाए गए फैसले में एडीजे निरंजन सिंह की अदालत ने शाहिद मियां को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. इस फैसले के साथ ही पीड़िता को न्याय मिल गया.