गुजरात के भावनगर शहर स्थित एक फेमस प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग छात्रा को समाज में बदनाम करने के इरादे से उसके नाम का सहारा लेकर कक्षाओं में एक फर्जी 'लव लेटर' बांटा गया. इस शर्मनाक हरकत के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है. पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पांच नाबालिग छात्रों के खिलाफ POCSO एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी शिकंजा कस दिया है.
दरअसल, स्कूल की आठवीं और नौवीं कक्षा में चुपके-चुपके एक पत्र घुमाया जा रहा था. इस पत्र में स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा का जिक्र था. मामला तब खुला जब सहपाठी उस छात्रा को देखकर हंसने लगे और उससे पूछने लगे कि क्या उसे 'लव लेटर' मिल गया है. हिम्मत जुटाकर छात्रा ने एक सहपाठी से वह पत्र ले लिया. जब उसने पत्र पढ़ा तो उसके होश उड़ गए. न तो उसमें लिखी बातें उसकी थीं और न ही लिखावट उससे मेल खाती थी. साफ था कि किसी ने सोची-समझी साजिश के तहत उसे बदनाम करने के लिए यह हरकत की है.
पिता का गुस्सा
पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि एक छात्र ने चार अन्य नाबालिगों के साथ मिलकर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया. जब पिता न्याय की उम्मीद लेकर स्कूल के प्रिंसिपल और प्रशासन के पास पहुंचे, तो उन्होंने मदद करने के बजाय इस गंभीर कृत्य को महज एक गलती या मजाक कहकर टालने की कोशिश की.
गुस्से से भरे पिता ने सवाल उठाया कि अगर उनकी बेटी इस मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर कोई आत्मघाती कदम उठा लेती, तो क्या स्कूल प्रशासन उसे भी एक साधारण 'मजाक' ही करार देता?
स्कूल प्रशासन की सफाई
विवाद और हंगामा बढ़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने मीडिया को बताया कि 14 तारीख को अभिभावक की शिकायत मिलने के तुरंत बाद प्रिंसिपल ने 5 सदस्यों की एक जांच समिति का गठन कर दिया है.
स्कूल का दावा है कि छात्रों के बयानों से पता चला है कि यह पत्र ट्यूशन क्लास के जरिए बाहर से आया था. हालांकि, पीड़ित पिता ने इस दावे को खारिज करते हुए साफ किया कि उनकी बेटी किसी भी ट्यूशन क्लास में नहीं जाती है, जिससे स्कूल के बचाव पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं. फिलहाल स्कूल प्रशासन ने मामले में संलिप्त पाए गए 5 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है.
हिंदू संगठनों की चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम के तूल पकड़ने के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मैदान में उतरकर स्कूल प्रशासन पर आरोपियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है. संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपियों को स्कूल से हमेशा के लिए निष्कासित नहीं किया गया, तो वे स्कूल के बाहर ताला लगाकर 'रामधुन' गाएंगे और उग्र प्रदर्शन करेंगे.
उधर, घोघा रोड पुलिस स्टेशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पांचों नाबालिग छात्रों के खिलाफ BNS की धारा 75(3) और POCSO एक्ट की धारा 12 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं.