गुजरात के गांधीनगर में बुधवार रात बड़ा हादसा हो गया. कुडासन इलाके में एक निर्माणाधीन साइट पर लोहे की बड़ी स्लैब अचानक गिर गई. हादसे के वक्त वहां कई मजदूर काम कर रहे थे. स्लैब गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर काम शुरू किया. अब तक 15 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.
गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने बताया कि बचाए गए 15 मजदूरों में से 12 को गांधीनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. तीन मजदूरों को ज्यादा चोट नहीं आई थी. इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
हर्ष सांघवी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी 12 मजदूर सुरक्षित हैं. किसी की हालत गंभीर नहीं है. गांधीनगर सिविल अस्पताल के अधीक्षक से मिली जानकारी के बाद उन्होंने यह बात कही. प्रशासन लगातार घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
हादसा बुधवार रात करीब 9 बजे हुआ. दरअसल, बिल्डिंग में निर्माण का काम चल रहा था. इसी दौरान लोहे की बड़ी स्लैब अचानक नीचे गिर गई. इसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. प्रशासन को आशंका थी कि कोई मजदूर मलबे के नीचे फंसा हो सकता है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि साइट मैनेजर और स्टाफिंग सुपरवाइजर के मुताबिक अब कोई मजदूर मलबे के नीचे नहीं फंसा है. इसके बावजूद प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. इसी वजह से मलबा हटाने और पूरे इलाके की जांच का काम रातभर जारी रखने का फैसला किया गया है.
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर
रेस्क्यू ऑपरेशन में कई एजेंसियां जुटी हुई हैं. गांधीनगर नगर निगम, जिला पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं. इसके अलावा स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें भी राहत कार्य में लगी हैं.
मलबा हटाने के लिए खास मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि कंक्रीट और लोहे को काटने वाली मशीनें मौके पर लाई गई हैं. इसके साथ ही 300 टन से ज्यादा वजन उठाने की क्षमता वाली विशेष क्रेन भी इस्तेमाल की जा रही है.
हादसे के बाद शुरुआती जानकारी में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने बताया था कि पांच घायल मजदूरों को बचाया गया है. उन्हें गांधीनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया था. बाद में रेस्क्यू टीमों ने और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला. इसके साथ ही बचाए गए मजदूरों की संख्या बढ़कर 15 हो गई.
प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि मलबे के नीचे कोई मजदूर न रह गया हो. अधिकारी और बचाव दल निर्माण स्थल के हर हिस्से की जांच कर रहे हैं. डिप्टी सीएम ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं. मलबा पूरी तरह हटने तक जांच और बचाव अभियान जारी रहेगा.