
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के अहम बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया है. यमन सरकार के तीन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. मोचा बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से 50 मील से भी कम दूरी पर है. गुरुवार सुबह यमनी सरकारी बलों के शहर से पीछे हटने और हूती लड़ाकों के आगे बढ़ने की खबरें सामने आईं. सोशल मीडिया पर भी शहर के अंदर हूती लड़ाकों की तस्वीरें और वीडियो सामने आए.
मोचा पर कब्जा हूतियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. इससे लाल सागर और बाब-अल-मंदेब के आसपास उनकी पकड़ और मजबूत हो सकती है. हालांकि, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट ने कहा कि उसके एक कमांडर ने गुरुवार सुबह सैन्य टुकड़ी के साथ मोचा में प्रवेश किया है. संगठन ने कहा कि मोचा की सुरक्षा को फिर से व्यवस्थित और मजबूत करने का काम एंटी-हूती गठबंधन के साथ मिलकर किया जा रहा है. नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट के मुताबिक, उसकी सेनाओं की हूती नौसैनिक बलों से भी झड़प हुई.
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बाब-अल-मंदेब पर बढ़ी हूतियों की नजर
यमन सरकार के चार सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूती बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर अपना असर बढ़ाने के करीब पहुंच गए हैं. यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है. हूती मोचा और धुबाब जैसे तटीय शहरों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. इन शहरों की लोकेशन सीधे बाब-अल-मंदेब के पास है.
बाब-अल-मंदेब लाल सागर का दक्षिणी रास्ता है. यह यमन को अफ्रीकी देशों जिबूती और इरिट्रिया से अलग करता है. इस समुद्री रास्ते से खाड़ी देशों से कच्चा तेल और ईंधन भूमध्य सागर की ओर जाता है. इसके अलावा एशिया जाने वाले कई सामानों की आवाजाही भी इसी रास्ते से होती है.
सऊदी अरब के साथ भी बढ़ी जंग
हाल के दिनों में हूतियों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हुई है. 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए सीजफायर ने यमन में लंबे समय से चली आ रही जंग को काफी हद तक रोक दिया था, लेकिन यह समझौता अब कमजोर पड़ता दिख रहा है.

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हूतियों ने बुधवार को दावा किया था कि सऊदी अरब ने यमन के जौफ, मारिब और सादा प्रांतों के साथ-साथ ताइज़ और लाल सागर के किनारे स्थित अल-हुदैदाह पर हमले किए. सऊदी अरब ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की.
उधर, सऊदी अरब के खमिस मुशैत में गुरुवार को 24 घंटे के भीतर चौथी बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, हालिया हूती हमलों में देश के चार दक्षिणी शहरों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं. हूतियों ने खमिस मुशैत के एयरबेस और आसपास के तेल ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.