बैंकॉक से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट के यात्रियों की जांच चल रही थी. इसी दौरान एक ट्रॉली बैग के पास पहुंचते ही स्निफर डॉग रुक गया. उसने ऐसा सिग्नल दिया कि कस्टम्स अधिकारियों को बैग की दोबारा जांच करनी पड़ी. जब बैग खोला गया तो उसके अंदर पांच सिल्वर रंग के पैकेट मिले. जांच में पता चला कि इनमें करीब 11 किलो हाइड्रोपोनिक मारिजुआना यानी ड्रग्स छिपाकर रखा गया था, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत 10 करोड़ से ज्यादा होगी.
यह कार्रवाई अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने की. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पैसेंजर 28 जून को थाई एयरवेज की फ्लाइट TG-343 से बैंकॉक से अहमदाबाद पहुंचा था. चेक-इन बैगेज की स्क्रीनिंग के दौरान स्निफर डॉग ने बैग में संदिग्ध पदार्थ होने का संकेत दिया. इसके बाद बैगेज टैग के जरिए यात्री की पहचान कर उसे रोक लिया गया.

कस्टम्स अधिकारियों ने जब ट्रॉली बैग की बारीकी से जांच की तो उसके अंदर छिपाकर रखे गए पांच सिल्वर रंग के पॉलीथीन पैकेट मिले. इन पैकेटों में हरे रंग का पदार्थ भरा हुआ था. मौके पर फील्ड टेस्ट किट से जांच की गई, जिसमें इसकी पहचान हाइड्रोपोनिक मारिजुआना यानी ड्रग्स के रूप में हुई.
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कस्टम्स के मुताबिक, बरामद प्रतिबंधित पदार्थ का कुल वजन 10,911 ग्राम यानी करीब 10.9 किलोग्राम है. इंटरनेशनल मार्केट में इसकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा है. इसके बाद पूरे माल को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत जब्त कर लिया गया.
आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये ड्रग्स की खेप भारत में किसे पहुंचाई जानी थी, इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था और आरोपी इस तस्करी में कब से शामिल था.
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. हाल के महीनों में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी के कई मामलों का खुलासा हुआ है. ऐसे में कस्टम्स और अन्य एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की जांच और निगरानी और सख्त कर दी है.