
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है. नीट पेपर लीक मामले को लेकर वो एक महीने से ज्यादा समय से भूख हड़ताल पर हैं. अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया है. अब मेदांता अस्पताल ने उनका हेल्थ अपडेट शेयर किया है.
मेदांता अस्पताल ने एक मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए सोनम वांगचुक की तबीयत का ताजा हाल बताया है. इसके मुताबित, उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम उनका इलाज कर रही है.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वांगचुक के स्वास्थ्य के सभी वाइटल्स स्वीकृत सीमाओं के भीतर हैं और वो पूरी तरह सचेत हैं. उन्हें दिया जा रहा पूरा इलाज उनकी सहमति के हिसाब से ही हो रहा है.

अनशन खत्म करने के लिए सरकार से मांगी गारंटी
इससे पहले सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखकर अपना अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने अपनी बात रखी है. उन्होंने लिखा था कि अगर सरकार की ओर से ये गारंटी मिलती है कि आंदोलनकारी छात्रों पर कोई दंडात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तो वो अपना अनशन खत्म कर देंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि गारंटी मिलते ही वो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी आंदोलन स्थगित करने और सरकार के साथ बातचीत में शामिल होने की अपील करेंगे.
संसद में चर्चा और मुआवजे की मांग
केंद्रीय मंत्रियों से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए वांगचुक ने कहा कि मंत्रियों ने उन्हें भरोसा दिया था कि सरकार कुछ मांगों पर पॉजीटिव सोच सकती है. इनमें पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देना और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार समेत संसद में सार्थक चर्चा कराना शामिल है.
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सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में लिखा, '20 जुलाई 2026 का चलो संसद मार्च बेहद शांतिपूर्ण था. देश के लगभग 65 सांसदों ने भी मुझे पत्र लिखकर अनशन खत्म करने का अनुरोध किया है. मैं जीना चाहता हूं और अपने छात्रों के पास लौटना चाहता हूं, लेकिन युवाओं की कीमत पर नहीं.'