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कौन था किंग ओडीसियस, क्या है इस कहानी का सच, जिस पर बेस्ड है 'द ओडिसी'

इन दिनों फिल्म द ओडिसी की खूब चर्चा हो रही है. इसके नायक किंग ओडीसियस हैं. ओडीसियस ट्रोजन युद्ध में भी शामिल थे, लेकिन उस वक्त उन पर किसी का ज्यादा ध्यान नहीं गया, क्योंकि उस समय सारा फोकस महान योद्धा अकलीज पर था. लेकिन, ओडिसी सिर्फ और सिर्फ किंग ओडीसियस की कहानी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ओडीसियस सच में कभी अस्तित्व में था. आखिर होमर अपने महाकाव्य में पात्रों को किस तरह से गढ़ा है, चलिए समझते हैं.

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दिलचस्प है ओडिसी के नायक ओडीसियस की कहानी (Photo - AI Generated )
दिलचस्प है ओडिसी के नायक ओडीसियस की कहानी (Photo - AI Generated )

ओडिसी आज भी पढ़ी जाने वाली सबसे प्राचीन साहित्यिक कृतियों में से एक है.प्राचीन यूनानी कवि होमर को इलियड और ओडिसी का रचयिता माना जाता है.हालांकि विद्वान इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि होमर वास्तव में अस्तित्व में थे या नहीं,  कुछ विद्वानों का मानना ​​है कि होमर एक काल्पनिक पात्र थे और उनकी रचनाएं मौखिक रूप से साझा की जाती थीं और फिर ईसा पूर्व 8वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में प्रदर्शन के लिए काव्य रूप में लिखी गईं.

ओडिसी को 24 खंडों में लिखा गया. इस महाकाव्य में इथाका द्वीप के राजा ओडीसियस और 10 वर्ष लंबे ट्रोजन युद्ध के बाद उनकी 10 वर्ष लंबी घर वापसी की कहानी है. इस यात्रा के दौरान, ओडीसियस के जहाज तूफ़ानों में नष्ट हो जाते हैं, उसे सात साल के लिए कैद कर लिया जाता है, वह पाताल लोक की यात्रा करता है, और कई दानवों, दैत्यों और देवताओं से लड़ता है.

बेशक, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि किसी ऐतिहासिक यूनानी राजा ने भयानक साइक्लोप्स से लड़ाई की हो या किसी ऐसी चुड़ैल का सामना किया हो जो पुरुषों को सूअर में बदल सकती हो, लेकिन क्या ओडीसियस किसी वास्तविक व्यक्ति पर आधारित था? 

क्या कभी सच में था ओडीसियस   

इस बात का कोई पुरातात्विक प्रमाण नहीं है कि ओडीसियस नाम के किसी व्यक्ति ने कभी इथाका पर शासन किया था. हालांकि, कुछ विद्वानों का तर्क है कि ओडीसियस एक या एक से अधिक वास्तविक माइसीनियाई शासकों की स्मृतियों का प्रतीक है. मौखिक परंपराओं में अक्सर ऐतिहासिक विवरण मिट जाने के बाद भी महत्वपूर्ण नेताओं के नाम लंबे समय तक बने रहते हैं. कई शताब्दियों के दौरान, विभिन्न व्यक्तियों की कहानियां एक ही पौराणिक नायक में विलीन हो सकती हैं. इसलिए ओडीसियस एक मिश्रित व्यक्तित्व हो सकता है. एक ऐसा चरित्र जिसमें कई राजाओं के गुण समाहित हों.

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इसलिए, ओडीसियस लगभग निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक व्यक्ति नहीं है, जिसका जीवन रिकंस्ट्रक्ट  किया जा सके, लेकिन एक पात्र के रूप में, वह माइसीनियाई राजशाही, समुद्री यात्रा, युद्ध और कूटनीति के वास्तविक पहलुओं को दिखा सकता है. ऐतिहासिक मूल भले ही वास्तविक हो, लेकिन उसके आसपास की कहानी किंवदंती बन गई.

व्यापक रूप से कहें तो, भले ही पुरातत्व ओडीसियस के अस्तित्व को सिद्ध न कर पाए, फिर भी यह होमर द्वारा वर्णित दुनिया के कुछ हिस्सों की सच्चाई को दिखाता है. इथाका द्वीप पर हुई खुदाई में कांस्य युग के उत्तरार्ध में बसे माइसीनियाई काल की महत्वपूर्ण बस्तियां मिली हैं. हालांकि,  इनमें से किसी को भी निश्चित रूप से ओडीसियस का महल नहीं कहा जा सकता, फिर भी ये दर्शाते हैं कि यह द्वीप माइसीनियाई काल की राजनीतिक परिदृश्य का हिस्सा था.

ओडीसियस के राज्य की राजनीतिक व्यवस्था भी माइसीनियाई ग्रीस की ज्ञात व्यवस्था से मिलती-जुलती है. स्थानीय राजा अपेक्षाकृत छोटे क्षेत्रों पर शासन करते थे, जो किलेबंद महलों के इर्द-गिर्द केंद्रित थे, जबकि वे अधिक शक्तिशाली शासकों के नेतृत्व को स्वीकार करते थे – ये शासक ओडिसी के एगामेम्नन से मिलते-जुलते थे. यह स्वरूप मोटे तौर पर माइसीनी, पाइलोस और तिरिन्स सहित विभिन्न स्थलों से प्राप्त साक्ष्यों से मेल खाता है.
 
कौन था ओडीसियस
ओडीसियस, लेर्टेस और एंटिक्लेया का पुत्र और पेनेलोप का पति है, जिससे उसका एक पुत्र टेलेमाकस है. वह इथाका नामक छोटे द्वीप राज्य का शासक है और ट्रोजन युद्ध के दौरान 12 जहाजों की एक टुकड़ी का नेतृत्व करता है. ओडिसी में उसकी कहानी, ट्रोजन वॉर खत्म होने के बाद  ट्रॉय से घर लौटने में बिताए 10 साल पर आधारित है. इस दौरान वह कैसे राक्षसों से लड़ता है और देवताओं द्वारा भेजे गए तूफानों को मात देता.  

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होमर उन्हें देवी एथेना के मार्गदर्शन में चित्रित करते हैं. यही वजह है कि वे उन्हें सिर्फ एक बहादुर योद्धा नहीं, बल्कि एक  कुशल और बुद्धिमान योद्धा के रूप में भी दर्शाते हैं. इलियड में , वे महानतम यूनानी नायकों के साथ लड़ते हैं और अक्सर परिषदों में सलाहकार की भूमिका निभाते दिखते हैं. यूनानी राजा एगामेम्नन, मेनेलास और नेस्टर उनका सम्मान करते हैं. उनका सबसे प्रमुख गुण मेटिस है यानी - व्यावहारिक बुद्धिमत्ता, चतुराई और केवल बल प्रयोग के बजाय रणनीति के माध्यम से समस्याओं को हल करने की क्षमता.

ओडीसियस  ने साइक्लोप्स पॉलीफेमस को अपनी असाधारण शक्ति से नहीं, बल्कि अपनी चतुराई से अंधा कर दिया. उसने अपने दल को जहाज के मस्तूल से बांधने का आदेश देकर सायरनों के मोहक गीतों का विरोध सुनिश्चित किया. जब वह और उसके साथी सायरन के पास से गुजरते हैं - पंखों वाली, आधी पक्षी, आधी स्त्री जैसी प्राणी जो अपने संगीत से नाविकों को मौत के मुंह में खींच लेती हैं - तो ओडीसियस उनके गीत को सुनने से खुद को रोक नहीं पाता है.

ओडीसियस हर चीज़ के बारे में बहुत जिज्ञासु है. जब वे जलपरियों के पास से गुज़रते हैं, तो उसके साथी उसे चारों ओर से निकलने के लिए कहते हैं. लेकिन वह उनसे कहता है कि वे अपने कानों में मोम और रुई लगा लें और उसे मस्तूल से बांध दें ताकि वह सुन सके कि यह कैसा लगता है.

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ओडीसियस का प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है क्योंकि, अकिलीज़, पर्सियस और हेराक्लेस जैसे अन्य यूनानी नायकों के विपरीत, उन्हें एक शक्तिशाली योद्धा के बजाय बुद्धिमान और दूरदर्शी माना जाता है. कहानियों में लगातार यही बात सामने आती है कि वह अपनी पहचान छुपाता है, दूसरे लोगों का रूप धारण करता है और अपना काम निकालने के लिए लोगों को चकमा देता है.

ओडीसियस के साथ एक तरह की बेचैनी का भाव जुड़ा हुआ है, जो अक्सर सबसे दिलचस्प किरदारों के साथ देखने को मिलता है. ओडीसियस किस तरह कठिनाइयों का सामना करता है और उनसे निपटता है, यह पढ़ना पाठकों को बांधे रखता है. अब फिल्म में इसे कैसे दिखाया गया है, यह बात नहीं की जा सकती. 

कैसे राक्षसों को ओडीसियस ने दी थी मात
इथाका वापस लौटने की अपनी 10 साल की यात्रा के दौरान, ओडीसियस को कई राक्षसों का सामना करना पड़ता है. ओडिसी में उनका सबसे प्रसिद्ध सामना पॉलीफेमस नामक एक साइक्लोप्स से होता है, जो ओडीसियस और उसके साथियों को फंसाकर बंदी बना लेता है. पॉलीफेमस उसके साथियों को खाना शुरू कर देता है और उन सभी को खा जाने की धमकी देता है, लेकिन ओडीसियस चालाकी से बच निकलता है.

वह पॉलीफेमस को बहुत ज़्यादा शराब पिला देता है. फिर जब वह बेहोश हो जाता है, तो ओडीसियस उसकी आंख में एक नुकीली चीज़ घुसाकर उसे अंधा कर देता है.लेकिन पॉलीफेमस पर ओडीसियस के हमले के परिणाम भी होते हैं. पोसीडॉन, जो पॉलीफेमस से संबंधित है और समुद्र का देवता है, तूफान और लहरें पैदा करके ओडीसियस की इथाका वापसी की यात्रा को लंबा खींच देता है, जिससे उसका बेड़ा नष्ट हो जाता है.

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अपनी यात्रा के दौरान, ओडीसियस की मुलाकात हवाओं के देवता एओलस से भी होती है, जो उसे एक थैला देता है जिसमें पश्चिम की हवा को छोड़कर बाकी सभी हवाएं होती हैं. जबकि, पश्चिम की हवा उसे वापस इथाका ले जाएगी. वह नरभक्षियों के एक समूह से भी बाल-बाल बचता है.

ओडीसियस के कई आदमियों को जादूगरनी सिरसे ने सूअर बना दिया. ओडीसियस ने मोली नामक जड़ी बूटी का प्रयोग करके सिरसे को अपने आदमियों को वापस इंसान बनाने के लिए मना लिया. इसके बाद सिरसे और ओडीसियस के बीच एक साल तक प्रेम संबंध चला, जिसके परिणामस्वरूप सिरसे ने दो बेटों को जन्म दिया. इसके अलावा, ओडीसियस ने चरिबडिस नामक एक विशाल भंवर का सामना किया, जो जहाजों को नीचे खींच लेता है, और स्काइला नामक छह सिर वाले राक्षस का भी सामना किया, जिसने ओडीसियस के जहाज के बहुत करीब आने पर छह नाविकों को अगवा कर लिया.

ओडिसी की पूरी कहानी ओडीसियस के साहस, बुद्धि, बल और घर वापस लौटने की उम्मीद के इर्द-गिर्द घूमती है. इलियड की कहानी जहां अकिलीज़ पर ज्यादा केंद्रित थी, वहीं ओडिसी पूरी तरह से किंग ओडीसियस पर फोकस्ड है. 

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