दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी बिल्डिंग गिरने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को स्टेटस रिपोर्ट के साथ पहुंच गया है. इस मामले के एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा ने कोर्ट में एक रिपोर्ट दाखिल कर दिल्ली की सभी पीजी और निजी हॉस्टलों की जांच कराने की मांग रखी है. उन्होंने कहा है कि इस इलाके में बार-बार हादसे होना गंभीर चिंता की बात है. साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस हादसे को लेकर MCD और दिल्ली यूनिवर्सिटी को सख्त फटकार लगाई है.
यह पूरा मामला दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके से जुड़ा है, जहां पांच मंजिला एक पीजी बिल्डिंग गिर गई थी. इस हादसे में 7 लोगों की जान चली गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी अजीत सिन्हा को नियुक्त किया था, जिन्होंने अब अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है.
रिपोर्ट में सबसे अहम सिफारिश यह है कि दिल्ली के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास बने पीजी, निजी हॉस्टल और स्टूडेंट्स के रहने की जगहों का पूरा सुरक्षा ऑडिट कराया जाए. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सत्य निकेतन इलाके में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जैसे अप्रैल 2022 में भी एक इमारत गिरी थी. बार-बार होने वाले इन हादसों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यहां नियमों को सही तरीके से लागू क्यों नहीं किया जा रहा.
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प्रस्तावित जांच में बिल्डिंग का प्लान, निर्माण की गुणवत्ता, बेसमेंट का इस्तेमाल कैसे हो रहा है, ढांचा कितना मजबूत है, आग से बचाव के इंतजाम और आपातकालीन स्थिति में निकलने के रास्ते जैसी चीजों की बारीकी से जांच होगी.
इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट भी इस मामले में सख्त रुख अपना चुका है. चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने 7 लोगों की मौत पर दुख जताया और MCD तथा DU को कड़ी फटकार लगाई. हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, पुलिस और MCD से 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को होगी.