
दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है. कांग्रेस जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए पहुंची तो प्रियंका गांधी का अनोखा विरोध देखने को मिला. प्रियंका पुलिस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर लेट गईं. इस दौरान उन्होंने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया.
प्रियंका गांधी को इस तरह लेटे देख उनके समर्थन में कई दूसरे नेता भी उनके पास सड़क पर लेट गए. स्थिति को बेकाबू होते देख दिल्ली पुलिस ने एक्शन लिया और कई नेताओं को उठाकर हिरासत में ले लिया.
इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिसकर्मियों ने राहुल को जबरन हिरासत में लेकर बस में बिठाया.
'पुलिसवालों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया'
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने पुलिस प्रशासन और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, 'वो (पुलिसकर्मी) सांसदों के साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं, जो सिर्फ इलेक्शन कमिश्नर से मिलने के लिए कह रहे हैं. वो हमारे साथ ऐसा ही बर्ताव करते हैं. वो सांसदों को पीट रहे हैं.'

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'महिला पुलिसवालों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया है. उन्होंने हमें जमीन पर गिरा दिया. अब हम यहां से नहीं हिलेंगे. उन्हें अपनी सेना वापस लाने दो. मैं यहां से नहीं हिलूंगी.'
हिरासत में ली गईं प्रियंका गांधी
पुलिसकर्मी इस दौरान प्रियंका को भी जमीन से उठाकर हिरासत में लेने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए. कड़ी मशक्कत के बाद प्रियंका को महिला पुलिसकर्मी न उठाकर बस में बिठाया. इस दौरान प्रियंका हाथ में संविधान लहराती दिखाई दीं.
बता दें कि कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक के साथ मिलकर मुख्य चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोला हुआ है.
प्रियंका गांधी ने अपने सोशल मीडिया पर भी सरकार को चेताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'इस सरकार को हटाने के अलावा अब कोई और रास्ता नहीं बचा है. मैं हर देशवासी से कहना चाहती हूं कि इस सरकार को हटाओ. अगर आप इस सरकार को नहीं हटाएंगे, तो ये देश खाई में जाएगा. ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लोकतंत्र मतलब जनता का राज. इसके कुछ उसूल हैं, जो संविधान में हैं.'
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'हम शांतिपूर्वक जाकर उनसे बात करना चाहते हैं'
उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार को संविधान के लिए काम करना चाहिए, लेकिन ये सरकार सारे सिद्धांत तोड़ रही है. कल से 300 से ज्यादा सांसद कह रहे हैं कि हम चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं. हम उनको 'वोट चोरी' के बारे में बताना चाहते हैं और उनका इस्तीफा मांगना चाहते हैं, क्योंकि हमें उनके ऊपर विश्वास नहीं है. चुनाव आयोग देश की जनता के लिए चलता है और हम जनता के प्रतिनिधि हैं. हम शांतिपूर्वक जाकर उनसे बात करना चाहते हैं, लेकिन सरकार इतनी कायर है कि वो जनता की आवाज से डरती है. इसलिए हर जगह प्रदर्शन रोक रही है.