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जामिया ने मानी छात्रों की मांगें... स्टूडेंट्स पर लिए एक्शन वापस लेगा प्रशासन, 8 नवंबर से कैंपस भी ओपन

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें मानते हुए छात्रसंघ चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही आंदोलन के दौरान लिए गए सभी अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस ली जाएंगी. छात्रों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है और भूख हड़ताल खत्म कर दी है.

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जामिया ने छात्रसंघ चुनाव की डेडलाइन अनाउंस कर दी है. (File Photo- PTI)
जामिया ने छात्रसंघ चुनाव की डेडलाइन अनाउंस कर दी है. (File Photo- PTI)

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बीते 18 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार रंग लाया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है. ऐसे में कैंपस में जश्न का माहौल है और छात्र खुशी से झूमते नजर आए हैं,

स्टूडेंट यूनियन की बहाली की मांग को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन में कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. लेकिन प्रशासन के छात्रसंघ चुनाव के ऐलान और यूनिवर्सिटी रजिस्टरार से मुलाकात के बाद छात्रों ने अपना अनशन खत्म कर दिया है.

जामिया मिलिया इस्लामिया में लॉ के थर्ड ईयर के स्टूडेंट एबिन बेसिन ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'आज हमारी भूख हड़ताल का 18वां दिन है और जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन के बाद मैं इसे खत्म कर रहा हूं. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं.'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं जामिया के उन सभी स्टूडेंट्स का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो हमारे साथ खड़े रहे, और हमारे साथियों और साथियों का भी जो इस भूख हड़ताल में मेरे साथ शामिल हुए. हमारे हारिस बीरन सर, राज्यसभा MP, साथ ही जामिया एलुमनाई एसोसिएशन और जामिया के सभी दूसरे एलुमनाई का खास शुक्रिया. मैं देश और दुनिया भर में उन सभी का बहुत आभारी हूं जिन्होंने इस डेमोक्रेटिक प्रोसेस को फिर से शुरू करने के हमारे मूवमेंट का सपोर्ट किया. ये स्टूडेंट्स की जीत है, जामिया की जीत है, और डेमोक्रेसी की जीत है.'

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8 नवंबर से ऑफलाइन क्लासेज शुरू

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 8 नवंबर 2026 से सभी क्लासेज और परीक्षाएं ऑफलाइन फिर से शुरू करने का भी फैसला लिया है. इससे पहले जामिया ने सभी क्लासेज और एंड-सेमेस्टर एक्जाम्स को 24 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन मोड में कराने का आदेश जारी किया था.

छात्रों पर लिए गए एक्शन होंगे वापस

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए आंदोलन के दौरान की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को रद्द करने का आदेश दिया है. इसके तहत कारण बताओ नोटिस, सस्पेंशन, निष्कासन और कैंपस में एंट्री पर लगाए गए बैन को पूरी तरह वापस लिया जाएगा.

प्रशासन के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वविद्यालय के एक छात्र ने कहा, 'आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें हमारी तीनों मांगें शामिल हैं- 15 मई 2027 तक संविधान का निर्माण, नए सत्र के 6 हफ्तों के भीतर चुनाव और छात्रों पर हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई की वापसी. प्रशासन ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं, इसलिए हम अपनी भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन वापस ले रहे हैं.'

JMISU चुनाव की प्रकिया क्या होगी?

जामिया मिलिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार, प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा, 'हमें स्टूडेंट्स से 3 मांगें मिली थीं. हमने उनकी सभी 3 मांगें मान ली हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन संविधान को मंजूरी और लागू करने का काम 15 मई, 2027 तक पूरा हो जाएगा. हमने ये भी कहा है कि ड्राफ्ट संविधान में सिर्फ प्रोफेसर या कानूनी एक्सपर्ट ही नहीं होंगे, बल्कि स्टूडेंट्स के प्रतिनिधि भी होंगे. हमारे पास हर फैकल्टी से प्रतिनिधि होंगे. ताकि स्टूडेंट्स का प्रतिनिधित्व और विचार डेमोक्रेटिक तरीके से हमारे पास आ सकें.

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उन्होंने आगे स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन के प्रोसेस के बारे में बताते हुए कहा, 'स्टूडेंट्स और हमारी कमेटी के विचार हमारे पास आने के बाद, हम उन्हें कमेंट्स के लिए स्टेकहोल्डर्स को भेजेंगे. फिर हम इसे कानूनी जांच के लिए भेजेंगे और उसके बाद, इसे एकेडमिक काउंसिल, फिर एग्जीक्यूटिव काउंसिल में ले जाया जाएगा और फिर फाइनल सहमति के लिए विजिटर नॉमिनी को भेजा जाएगा.'

यह भी पढ़ें: जामिया में छात्रों की बड़ी जीत! छात्रसंघ संविधान और चुनाव की डेडलाइन तय, स्टूडेंट्स ने खत्म की भूख हड़ताल

20 साल बाद जामिया में छात्रसंघ बहाल

बता दें कि जामिया मिलिया इस्लामिया छात्रसंघ के संविधान की मंजूरी और उसे लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी कर ली जाएगी. 16 जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के पहले छह हफ्तों के भीतर (यानी अगस्त 2027 के अंतिम सप्ताह तक) छात्रसंघ चुनाव करा लिए जाएंगे. खास बात ये है कि जामिया में 20 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराए जा रहे हैं. आखिरी बार कैंपस में 2005 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे, लेकिन 2006 में यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के बाद स्टूडेंट यूनियन को भंग कर दिया गया था.

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