दिल्ली के कई स्कूलों को एक बार फिर धमकी भरा ईमेल मिला है. मेल में 'दिल्ली बनेगा खालिस्तान' लिखा गया था. सूचना मिलते ही स्कूलों में तय सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई. जांच के बाद धमकी को फर्जी पाया गया. अब दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी है. इससे पहले 15 सितंबर को भी धौला कुआं के आर्मी पब्लिक स्कूल को बम की धमकी मिली थी, जिसे जांच के बाद फर्जी पाया गया था.
स्कूलों को मेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं. तय SOP (सुरक्षा की तय प्रक्रिया) के तहत जांच की गई, ताकि किसी तरह का खतरा होने पर समय रहते कार्रवाई हो सके. पड़ताल के बाद साफ हुआ कि मेल में दी गई धमकी वास्तविक नहीं थी. इस मामले में फिलहाल किसी नुकसान या विस्फोट की जानकारी नहीं है.
साइबर टीम जुटी मेल भेजने वाले की तलाश में
धमकी के फर्जी निकलने के बाद अब जांच का अगला हिस्सा शुरू हो गया है. दिल्ली पुलिस की साइबर टीम यह पता लगाने में जुटी है कि मेल किस ईमेल आईडी से भेजा गया, इसे कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है. पुलिस की कोशिश सिर्फ धमकी को फर्जी साबित करने तक सीमित नहीं है. मेल के स्रोत का पता लगाना भी अहम है, ताकि यह समझा जा सके कि इसे भेजने वाले का मकसद क्या था. फिलहाल जांच जारी है.
15 सितंबर को भी सामने आया था ऐसा मामला
दिल्ली में इससे पहले 15 सितंबर को भी बम की धमकी वाला मामला सामने आया था. धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में बम होने की सूचना मिली थी. जानकारी मिलने के बाद पुलिस को खबर दी गई और बच्चों को कक्षाओं से बाहर निकाला गया. पुलिस टीम के साथ बम निरोधक दस्ते ने स्कूल की जांच की. करीब डेढ़ घंटे की पड़ताल के बाद इस सूचना को फर्जी पाया गया था. इसके बाद पुलिस ने धमकी के स्रोत की जांच शुरू की थी.
अब एक बार फिर कई स्कूलों को धमकी भरा मेल मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस तरह के संदेशों पर है. हालांकि, मौजूदा मामले में भी जांच के बाद किसी वास्तविक खतरे की पुष्टि नहीं हुई है.
ऐसे मामलों में धमकी फर्जी निकलने के बावजूद पुलिस को हर सूचना को गंभीरता से लेना पड़ता है. पहले सुरक्षा जांच होती है, फिर स्थिति साफ होने पर आगे की कार्रवाई तय की जाती है. फिलहाल इस मामले में किसी नुकसान की सूचना नहीं है. दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ईमेल के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.