राजधानी दिल्ली में ऑड-ईवन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता संजीव कुमार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑड-ईवन के लागू होने के बाद 14 नवंबर तक का डेटा दिल्ली सरकार कोर्ट को दे.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हमें प्रतिदिन का डेटा चाहिए, यानी हमें वायु प्रदूषण को लेकर हर एक दिन का डेटा चाहिए. कोर्ट ने पिछले साल का भी डेटा मांगा है, जब ऑड-ईवन लागू नहीं हुआ था. अब इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने संजीव कुमार की याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में कहा गया कि दिल्ली सरकार का ऑड-ईवन लागू करने का फैसला असंवैधानिक, मनमाना और शक्ति का दुरुपयोग है.
CM केजरीवाल की अपील
मैंने कई एक्सपर्ट्स और एंटरप्रेन्योर्स से पता किया है कि पराली से CNG, कोयला बनाने वाली इंडस्ट्री और इन पदार्थों के खरीदार पहले से ही मौजूद है। उन्हें अपनी सरकारों से मदद चाहिए।
मेरी सभी सरकारों से अपील है की वो ऐसी इंडस्ट्री को बढ़ावा दे कर पराली जलने की समस्या का निजात करें।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि मेरी विपक्ष से अपील है कि ऑड-ईवन का विरोध ना करें. काफी बढ़ गया है. पूरी दिल्ली ऑड-ईवन की मांग रही है. विपक्ष को जनता का साथ देना चाहिए.
मेरी विपक्ष से अपील है कि odd even का विरोध ना करे। प्रदूषण काफ़ी बढ़ गया है। पूरी दिल्ली odd even माँग रही है। विपक्ष को जनता का साथ देना चाहिए
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा कि क्या डीजल बसों को ड्यूल फ्यूल में बदला जा सकता है? इस पर केंद्र ने कहा कि तकनीक तो है लेकिन इसमें काफी खर्चा होगा.
इस बीच बुधवार को भी दिल्ली-एनसीआर की हवा आज भी बेहद खराब बनी हुई है. कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 700 के पार पहुंच गया. दिल्ली के पटपड़गंज में एक्यूआई 565, ओखला में एक्यूआई 533, आरके पुरम में एक्यूआई 426 और मंदिर मार्ग में एक्यूआई 522 रिकॉर्ड किया गया.
सबसे बुरा हाल दिल्ली से सटे शहरों का भी रहा. नोएडा सेक्टर 62 में एक्यूआई 714 और गाजियाबाद के वसुंधरा में 654 रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जो सबसे खतरनाक है.