दिल्ली के जसोला गांव इलाके में 22 अगस्त को एक 15 साल का बच्चा खुले नाले में गिर गया था. तीन दिन से रेस्क्यू के बावजूद अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस दर्दनाक हादसे में लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद साउथ ईस्ट (सेंट्रल) जोन के डिप्टी कमिश्नर डॉ. सचिन गुप्ता ने संबंधित क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. उनपर काम में लापरवाही बरतने का आरोप है.
अनुज कुमार को निर्देश दिया गया है कि सस्पेंशन पीरियड के दौरान वो शहर छोड़कर नहीं जा सकते.
बता दें कि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला मिथुन 22 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे अचानक खुले नाले में गिरकर बह गया था. घटना के बाद से ही लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक बच्चे का कोई पता नहीं चल सका है.
पतंग निकालने के दौरान हुआ हादसा
मिथुन के परिजनों ने बताया कि वो शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए तैयार था. उसने स्कूल ड्रेस भी पहन रखी थी. तभी अचानक पतंग उतारने के दौरान वो खुले नाले में गिर गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और गोताखोरों की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मिथुन की मां ने कहा, 'मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस मेरा बच्चा मुझे वापस लौटा दो.' वहीं, बच्चे के पिता अवधेश कुमार का आरोप है कि सूचना के बावजूद रेस्क्यू टीम काफी देर से पहुंची और गोताखोरों ने गहरे पानी में उतरकर देखने के बजाय सिर्फ बाहर से ही लाठी के सहारे तलाश की.