28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण रक्षाबंधन के दिन पड़ रहा है. चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में बताया गया है. जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है. सनातन परंपरा में चंद्र ग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है. इसमें पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की मनाही होती है. आगामी चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के मन में बहुत सारे सवाल हैं. जैसे चंद्र ग्रहण का समय क्या रहेगा. यह भारत में दिखेगा या नहीं. या फिर इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं. ऐसे सारे सवालों के जवाब ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने दिए हैं.
चंद्र ग्रहण कब और कितने बजे लगेगा?
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा. भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण सुबह 8:05 बजे शुरू होगा और सुबह 11:22 बजे समाप्त होगा. इसका मध्यकाल सुबह करीब 9:43 बजे रहेगा. चूंकि भारत में उस समय दिन होगा और ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इससे जुड़े धार्मिक नियम लागू नहीं होंगे.
भारत में नहीं लगेगा सूतक
ज्योतिषविद ने बताया कि सूतक उस जगह मान्य होता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है. इसलिए इसका सूतक काल भारत में नहीं लगेगा. इसलिए न तो शुभ कार्यों पर कोई रोक-टोक होगी और न ही पूजा-पाठ पर कोई पाबंदी होगी. देशभर में मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे. पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों पर भी कोई रोक नहीं होगी.
रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा ग्रहण का असर
28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण बहनें बिना किसी चिंता के अपने भाइयों को राखी बांध सकती हैं. त्योहार के धार्मिक अनुष्ठानों पर किसी तरह का प्रभाव नहीं होगा. भाई-बहन इस पर्व को सामान्य तरीके से मना सकेंगे.
कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. इन क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों के लिए ग्रहण के धार्मिक नियम लागू माने जाएंगे. ऐसे लोगों को सूतक और ग्रहण से जुड़े अन्य नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है.
भाई-बहन भी रखें इन बातों का ध्यान
रक्षाबंधन के दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद न करें. भाई-बहन आपसी मतभेद बढ़ाने से बचें और शांत माहौल में त्योहार मनाएं. यात्रा के दौरान भी वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी गई है. जल्दबाजी और तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए.
अन्न दान और मंत्र जाप की सलाह
ग्रहण दिखाई देने वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग ग्रहण के दौरान अपने इष्ट देवता के मंत्र का जाप कर सकते हैं. भगवान शिव के मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करने की सलाह दी गई है. ग्रहण समाप्त होने के बाद चावल, दाल, आटा, मौसमी फल और दक्षिणा जरूरतमंदों को दान करने की बात कही गई है.