किलोकरी में मणिपुरी संगीत शिक्षक और संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीटकर हत्या की घटना के बाद अब एक दूसरा सवाल सामने आ रहा है. इस घटना का असर सिर्फ सिंह के परिवार या संगीत की दुनिया तक सीमित नहीं है. उनके आसपास रहने वाले लोग और दिल्ली में रहने वाला नॉर्थईस्ट समुदाय भी इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. इस वारदात के बाद से मृतक के परिजन और उनके दोस्तों में तनाव और डर का माहौल है.
बता दें, देर रात चोंगथम विक्रम सिंह के घर के बाहर डिलीवरी कर्मचारियों और ईटरी या ढाबे के स्टाफ की तरफ से शोर और हंगामा किया जा रहा था. जब चोंगथम विक्रम सिंह ने इसका विरोध किया तो विवाद खड़ा हो गया. उन्हें बिल्डिंग के अंदर तक पीछा कर बेरहमी पीटा गया. बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया. बिल्डिंग में रहने वाली मिरोदा नाम की महिला ने बताया कि घटना के बाद आसपास के लोगों में खौफ का माहौल है.
इस वारदात के बाद से नॉर्थईस्ट समुदाय में नाराजगी और चिंता का माहौल है. मणिपुर एसोसिएशन की पदाधिकारी सुश्री संगीता ने समुदाय की चिंताओं को सामने रखा है. लोगों का कहना है कि चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थईस्ट के लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर डर पैदा किया है. अब नॉर्थईस्ट समुदाय के लोगों में सबसे बड़ी चिंता अपनी सुरक्षा को लेकर है. मणिपुर एसोसिएशन की पदाधिकारी संगीता ने भी इस मामले को लेकर समुदाय की चिंता सामने रखी. समुदाय के सदस्यों का कहना है कि सिंह की हत्या ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थईस्ट के लोगों के बीच डर और असुरक्षा की भावना पैदा की है.
शोर का विरोध करने के बाद बढ़ा था विवाद
समुदाय की मांग है कि मामले की जांच तेजी और निष्पक्ष तरीके से की जाए. उनका कहना है कि जांच में यह साफ होना चाहिए कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था. विवाद कैसे शुरू हुआ और हिंसा में कैसे बदला साथ ही सिंह पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ, इन सभी पहलुओं को जांच में सामने लाया जाना चाहिए. समुदाय सिर्फ कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा, बल्कि वह यह भी चाहता है कि घटना में शामिल हर शख्स की भूमिका की जांच हो. लोगों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने हमला किया है या किसी तरह इस घटना में शामिल रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
चोंगथम विक्रम सिंह की मौत का असर इसलिए भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है क्योंकि वह मणिपुर से जुड़े एक जाने-माने संगीतकार थे. उन्होंने संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. बाद में वह दिल्ली में संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे. इसलिए उनकी मौत ने नॉर्थईस्ट समुदाय के साथ-साथ संगीत से जुड़े लोगों को भी प्रभावित किया है. इस मामले में अब पुलिस की जांच पर सबकी नजर है. समुदाय चाहता है कि जांच सिर्फ आरोपों तक सीमित न रहे, बल्कि हमले की पूरी परिस्थितियों को सामने लाया जाए. कौन-कौन लोग उस घटनाक्रम में शामिल थे और विवाद किस तरह हिंसा में बदला, इसका जवाब जांच से मिलना चाहिए.
नॉर्थईस्ट के लोगों में डर और असुरक्षा की भावना
किलोकरी में रहने वाले नॉर्थईस्ट समुदाय के लोगों का कहना है कि वो अपने घरों और आसपास के इलाकों में सुरक्षित महसूस करें. सिंह की मौत के बाद पैदा हुई यह चिंता अब समुदाय की बड़ी मांग में बदलती दिख रही है. अब इस मामले की कहानी अब सिर्फ एक मणिपुरी संगीतकार की हत्या तक सीमित नहीं है. यह उस घटना के बाद पैदा हुए डर, सुरक्षा की चिंता और इंसाफ की मांग की कहानी भी है.