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RTI Exclusive: बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ा, जुलाई तक 62% से अधिक निर्माण पूरा

मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का 62.16% निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक पूरा हो चुका था. 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए पूरी जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का काम पूरा हो गया है.

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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का 62.16% निर्माण कार्य पूरा.. (Photo: representative/X)
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का 62.16% निर्माण कार्य पूरा.. (Photo: representative/X)

मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक 62.16% पूरा हुआ था. सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने यह जानकारी दी.

परियोजना के पूरा होने की संभावित तारीख या वर्ष पूछे जाने पर NHSRCL ने कहा, 'सभी ठेके दिए जाने और ट्रेनसेट की आपूर्ति के बाद ही परियोजना के पूरा होने की संभावित समयसीमा का आकलन किया जा सकेगा. 21 सितंबर 2026 का यह जवाब 17 अगस्त 2026 को दाखिल आरटीआई आवेदन पर दिया गया.

NHSRCL के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 1,389.49 हेक्टेयर ज़मीन अधिग्रहित की जा चुकी है. इसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली की 959.04 हेक्टेयर तथा महाराष्ट्र की 430.45 हेक्टेयर ज़मीन शामिल है.

निर्माण कार्य कहां तक पहुंचा?

आरटीआई जवाब के अनुसार, 366 किलोमीटर वायाडक्ट पर गर्डर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 380 किलोमीटर के लिए गर्डर ढाले जा चुके हैं. 459.90 किलोमीटर में नींव का काम पूरा हो चुका है और 455.10 किलोमीटर में पियर तैयार किए जा चुके हैं. गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का काम पूरा हो चुका है. वहां फिनिशिंग का काम चल रहा है. महाराष्ट्र में स्टेशनों का निर्माण जारी है.

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सुरंग, डिपो और ट्रैक की स्थिति

परियोजना में 21 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है, जिसका सात किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे होगा. NHSRCL के मुताबिक, टनल बोरिंग मशीन से सुरंग बनाने का काम चल रहा है. न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही सुरंग का 4.88 किलोमीटर हिस्सा पूरा हो चुका है. आठ पहाड़ी सुरंगों में से चार की खुदाई आर-पार पूरी हो गई है. आरटीआई जवाब के अनुसार, साबरमती डिपो का 32.28% और ठाणे डिपो का 17.23% काम पूरा हुआ था. 27 अगस्त 2026 तक CAM इंजेक्शन सहित 97 रूट किलोमीटर में ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके थे.

पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने कॉरिडोर के लिए दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का ऑर्डर BEML को दिया है. NHSRCL के मुताबिक, पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू हो गया है. NHSRCL ने यह भी कहा कि मुंबई–अहमदाबाद लाइन फिलहाल उसकी एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिस पर निर्माण कार्य चल रहा है.

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