सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का असर छत्तीसगढ़ में अब भी देखने को मिल रहा है. बीते दिन भाजपा द्वारा राज्य कांग्रेस मुख्यालय 'राजीव भवन' का घेराव करने के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में गहमागहमी हो गई. देखते ही देखते बात इतनी आगे बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया. इस मामले में पुलिस ने 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है. कांग्रेस पर आरोप है कि उन्होंने भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर बोतलें और पत्थर फेंके, जिसमें 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
नीट(NEET) पेपर लीक मामले को लेकर जो विरोध प्रदर्शन दिल्ली में हो रहा था, उसका धुआं अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है. बीते दिन, कॉकरोच जनता पार्टी(सीजेपी) के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था. यह प्रदर्शन काफी देर तक चला.
इसी प्रदर्शन के विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय 'राजीव भवन' का घेराव किया. इस प्रदर्शन में राज्य के मंत्री, भाजपा विधायक समेत कई नेता शामिल हुई. पुलिस ने राज्य कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ती भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ को रोकने के लिए 'टर्निंग पॉइंट' चौराहे पर बैरिकेडिंग की थी, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े.
वहीं दूसरी ओर से कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंच गए जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया. कांग्रेस नेता नारेबाज़ी करते हुए दूसरी ओर आगे बढ़े और कथिर तौर पुलिस के साथ हाथापाई और बदतमीजी की.
खम्हारडीह SHO भावेश कुमार गौतम के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाने, रिज़र्व सेंटर और अन्य थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. कांग्रेस नेताओं पर पुलिस पर बोतल और पत्थर फेंकने का आरोप है. इस मामले में 12 कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. जबकि कांग्रेस ने इसे भाजपा द्वारा पुलिस सुरक्षा में सुनियोजित हमला बताया है. FIR के मुताबिक इस टकराव में पुलिस अधिकारी देवराज सिंह को सिर में चोट आई है, साथ ही सीमा बंजारे नामक महिला कॉन्स्टेबल को हाथ में चोट आई है और अन्य पुलिसकर्मी भी घायल बताए गए हैं.
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर, बुधवार रात भारतीय न्याय संहिता की धारा 191, 121(1), 221 और 132 के तहत अभियोग दर्ज किया गया. इस FIR में विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, सुनील कुकरेजा, आकाश तिवारी और हनी बग्गा समेत 12 कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं.
SHO भावेश कुमार गौतम के मुताबिक इस घटना में 12-15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिसमें से दो पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया है. मामले में FIR जरूर दर्ज हुई है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तार नहीं हुई है, पुलिस की तफ्तीश फिलहाल जारी है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 'X' पर पोस्ट करते हुए भाजपा पर सुनियोजित हमले का आरोप लगाया है. उन्होंने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा की है जिसमें प्रदर्शन के दौरान जूते फेंके जाते हुए नज़र आ रहे हैं. उनका आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं, छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर उनके कार्यकर्ताओं पर हमले किए लेकिन पुलिस ने उल्टा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.
उन्होंने दावा किया कि भाजपा और पुलिस ने मिलीभगत करके कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए और पत्रकारों को भी चोटें आईं लेकिन फिर भी, पुलिस ने उनके ही लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की.