scorecardresearch
 

'सुबह उठकर एक चम्मच घी और गरम पानी' हेल्थ वेल्थ समिट में स्वामी रामदेव ने खोले अपनी फिटनेस के राज

HealthWealth Summit 2026: इंडिया टुडे के सम‍िट में योग गुरु स्वामी रामदेव ने अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल के कई दिलचस्प राज खोले. उन्होंने बताया कि वे पिछले 25 सालों से सुबह का नाश्ता नहीं करते और दिन में सिर्फ एक बार मुख्य भोजन लेते हैं. साथ ही उन्होंने परफेक्ट डाइजेशन और बीमारियों से दूर रहने के लिए अपने डेली रूटीन के कई अचूक नुस्खे साझा किए.

Advertisement
X
HealthWealth Summit 2026: इंडिया टुडे के सम‍िट में योग गुरु स्वामी रामदेव (Credits: India Today)
HealthWealth Summit 2026: इंडिया टुडे के सम‍िट में योग गुरु स्वामी रामदेव (Credits: India Today)

आजतक हेल्थ वेल्थ सम‍िट 2026 के मंच पर जब योग गुरु स्वामी रामदेव पहुंचे, तो हॉल का पूरा माहौल ऊर्जा से भर गया. एंकर श्वेता सिंह के साथ हुई खास बातचीत में स्वामी रामदेव ने न सिर्फ देश के हेल्थ सिस्टम और मिलावट पर तीखे प्रहार किए, बल्कि अपनी खुद की फिटनेस, डेली रूटीन और खानपान के ऐसे चौंकाने वाले राज खोले, जिन्हें जानकर हर कोई हैरान रह गया. आइए जानते हैं स्वामी रामदेव के उस 'फिटनेस फॉर्मूला' और अनसुनी जानकारियों को, जो उन्होंने इस सम‍िट में साझा कीं.

पिछले 25 साल से बंद है नाश्ता, दिन में खाते हैं सिर्फ एक बार

अपने खानपान के बारे में खुलासा करते हुए स्वामी रामदेव ने बताया कि उन्होंने आज से 25 साल पहले ही सुबह का नाश्ता (ब्रेकफास्ट) करना बिल्कुल छोड़ दिया था. सुबह की शुरुआत करते हुए वो सबसे पहले एक चम्मच शुद्ध घी खाते हैं और उसके ऊपर से थोड़ा नमक मिला हुआ गरम पानी पीते हैं. उनका मानना है कि इससे पेट बिल्कुल फर्स्ट क्लास और साफ रहता है.

वे दिन में सिर्फ एक समय (मुख्य भोजन) के तौर पर मिलेट्स (श्रीअन्न) और हरी साग-सब्जियां लेते हैं, जिसमें खाने से पहले सलाद और फल शामिल होते हैं. वे शाम को सूरज ढलने से पहले (7 बजे से पहले) अपना भोजन पूरा कर लेते हैं.

'मैं घोड़े की तरह दौड़ता हूं, 50 साल से एक बार भी बीमार नहीं पड़ा' 

Advertisement

अपनी कड़ी दिनचर्या का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वे रोज सुबह 3 से 4 बजे के बीच उठ जाते हैं. इसके बाद 1 घंटा अपनी उपासना और करीब 20 से 30 मिनट तक तेज दौड़ लगाते हैं. स्वामी जी ने बड़े दावे के साथ कहा, 'मैं घोड़ों की तरह तेजी से दौड़ता हूं और पिछले 50 सालों में देश-दुनिया घूमते हुए, करीब 50 लाख किलोमीटर की यात्रा करने के बाद भी एक बार भी बीमार नहीं पड़ा, न कभी फूड पॉइजनिंग हुई और न ही अस्पताल जाना पड़ा.' 

सिंथेटिक दुनिया और मिलावट पर गंभीर चेतावनी

आज की युवा पीढ़ी की बीमारियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ सिंथेटिक दवाएं, सिंथेटिक फूड, पॉल्यूशन और रेडिएशन का जाल बिछा हुआ है. हमारे शरीर के सेल्स नेचुरल चीजों के साथ तालमेल रखते हैं, लेकिन जब शरीर में अननेचुरल चीजें जाती हैं, तो बीमारियां शुरू हो जाती हैं. उन्होंने कहा कि आज 30 से 40 साल की उम्र के युवाओं को घुटनों और कमर में दर्द, बीपी, शुगर और फैटी लीवर जैसी समस्याएं घेर रही हैं, जो चिंता का विषय है.

आयुर्वेद और योग से बीमारियों को जड़ से मिटाने का दावा

एलोपैथी बनाम आयुर्वेद की बहस पर बोलते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि नेचर सबसे ऊपर है. उन्होंने दावा किया कि योग, आयुर्वेद और सही जीवनशैली अपनाकर बीपी, शुगर, थायराइड, कोलेस्ट्रॉल और यहां तक कि हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याओं को भी रिवर्स (जड़ से खत्म) किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि लोग थोड़ा सा अपने खानपान और योग पर ध्यान दें, तो 99% बीमारियों से बचा जा सकता है.

Advertisement

अपने चिरपरिचित ऊर्जावान अंदाज में उन्होंने युवाओं और देशवासियों को संदेश दिया कि भारत के नागरिक को हेल्थ के मामले में नंबर वन होना चाहिए क्योंकि 'स्वस्थ तन और शांत मन' ही असली पूंजी है!

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement