उत्तर प्रदेश एटीएस ने स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल भेजे जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एटीएस ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेचने के आरोप में 24 वर्षीय अंकित शंखवार को कानपुर से गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप से नोएडा, दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी देने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी से जुड़ा डेटा मिला है.
एटीएस के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप में 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई मेयर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी भी मिली है. हालांकि, इन सभी धमकियों में आरोपी की सीधी भूमिका और अन्य लोगों से उसके संबंधों की जांच की जा रही है.
पांच लाख ईमेल आईडी का डेटा मिला
एटीएस की जांच में आरोपी के लैपटॉप में एक्सेल फाइलें मिली हैं, जिनमें करीब पांच लाख ईमेल आईडी होने की जानकारी सामने आई है. इन फाइलों में ईमेल आईडी के साथ पासवर्ड, रिकवरी ईमेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से जुड़ी जानकारी भी होने का दावा किया गया है. गिरफ्तारी के दौरान ATS ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है.
पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाने का काम करने की बात कबूल की है. एटीएस के अनुसार, वह इन आईडी को पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे देशों में बैठे लोगों को बेचता था. इसके बदले बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट के जरिए USDT में भुगतान लेने की बात सामने आई है.
6,000 डॉलर मिलने का दावा
एटीएस के मुताबिक, आरोपी का संपर्क अलामीन इस्लाम नाम के बांग्लादेशी नागरिक से था. आरोपी ने कथित तौर पर ईमेल आईडी उपलब्ध कराने के बदले 6,000 डॉलर मिलने की जानकारी दी है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फेसबुक के बाय एंड सेल ग्रुप और व्हाट्सऐप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था.
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करता था. उसके व्हाट्सऐप पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, तुर्की और अमेरिका समेत कई देशों के नंबरों से संपर्क मिलने की बात भी सामने आई है.
कई देशों में फैले नेटवर्क की जांच
एटीएस अब आरोपी से जुड़े लोगों, ईमेल आईडी की खरीद-बिक्री और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रही है. एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में इन आईडी का इस्तेमाल किसने किया था और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं.