scorecardresearch
 

जसपाल राणा को आया था हार्ट अटैक लेकिन पता भी नहीं चला, डॉक्टरों ने बताया मौत का कारण, आप भी इन लक्षणों को ना करें इग्नोर

देश के प्रसिद्ध पिस्टल निशानेबाज जसपाल राणा का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. राणा का निधन किस वजह से हुआ इस बारे में मैक्स अस्पताल के कार्डियक साइंस विभाग के ग्रुप चैयरमेन डॉ बलबीर सिंह ने बताया है.

Advertisement
X
जसपाल राणा
जसपाल राणा

देश के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में से एक जसपाल राणा का शुक्रवार को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया. उनके निधन के कारणों के बारे में दिल्ली के मैक्स अस्पताल ने बताया है. मैक्स अस्पताल में कार्डियक विभाग के ग्रुप चैयरमेन डॉ बलबीर सिंह ने बताया कि जसपाल राणा को तीन दिन पहले ही हार्ट अटैक आ चुका था, लेकिन इस दौरान वह यात्रा कर रहे थे. तीन दिनों से ही उनको छाती में तेज दर्द था, लेकिन वह अस्पताल नहीं गए थे. ऐसा हो सकता है कि शुरुआत में उन्होंने सीने के दर्द को आम परेशानी समझा और इसपर ध्यान न दिया हो, लेकिन जब वह भारत पहुंचे और हालत बिगड़ी तब उनको अस्पताल लाया गया. 

यह भी पढ़ें: शूटर मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का देहांत, अस्पताल में ली अंतिम सांस

अस्पताल आने पर गंभीर हालत में थे जसपाल राणा

डॉ बलबीर ने बताया कि जसपाल राणा जब अस्पताल पहुंचे, तब उनकी हालत काफी गंभीर थी. जांच के दौरान पता चला कि उनके हार्ट की एक आर्टरी पूरी तरह ब्लॉक हो गई थी. इस वजह से उनको हार्ट अटैक आया था. उनके हार्ट का एक हिस्सा भी काफी कमजोर हो गया था. हार्ट की पंपिंग करने की क्षमता भी बहुत कम रह गई थी. इस वजह से हार्ट फेलियर जैसे लक्षण बन गए थे.

देरी से अस्पताल पहुंचना बना खतरनाक

डॉ.बलबीर ने बताया कि जसपाल राणा हार्ट अटैक आने के करीब तीन दिन बाद अस्पताल पहुंचे थे. ऐसे में उनके हार्ट की स्थिति काफी खराब हो गई थी.डॉ बलबीर ने कहा कि अटैक आने के बाद जो मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं, उनमें कई गंभीर समस्याएं होने लगती हैं. इनमें बड़ा खतरा हार्ट फेल होने और कार्डियक रप्चर का रहता है. कार्डियक रप्चर की वजह से हार्ट की नसें काफी कमजोर हो जाती हैं और इससे हार्ट वॉल के फटने का भी रिस्क होता है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का निधन, 49 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

कैसे हुई जसपाल राणा की मौत

डॉ बलबीर ने बताया कि नाजुक स्थिति होने के बाद भी उनको अस्पताल में बेहतर इलाज दिया गया. स्टंट डाले गए और सभी जरूरी दवाएं दी गई. इससे उनकी हालत सुधर गई थी. वे इतने ठीक हो चुके थे कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी थी, लेकिन रात में जब वो सो रहे थे तो अचानक उनका कार्डियक रप्चर हो गया, इस वजह से उनकी मौत हो गई.

हार्ट अटैक के लक्षणों को हल्के में न लें

डॉ बलबीर ने बताया कि हार्ट अटैक के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर किसी को छाती में तेज दर्द महसूस हो रहा है तो इस स्थिति में तुरंत अस्पताल जाना चाहिए. इसके अलावा अगर किसी को सांस फूलना और बाएं हाथ में दर्द है जो छाती तक जा रहा है तो इस मामले में लापरवाही न करें. समय से अस्पताल आकर हार्ट अटैक से होने वाली मौत के खतरे को कम किया जा सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement