उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में बार-बार पेशाब आना, पेशाब की धार कमजोर होना या पेशाब करने में ज्यादा समय लगना आम समस्या है. कई बार इसकी वजह प्रोस्टेट का बढ़ना होती है. 50 साल की उम्र के बाद ये समस्या ज्यादा देखी जाती है.कुछ लोगों में इस समस्या के साथ ही पीठ में तेज दर्द भी बना रहता है. ऐसा होना कहीं प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण तो नहीं है? इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मिनिमल एक्सेस, बेरिएट्रिक एंड रोबोटिक सर्जरी के प्रधान निदेशक एवं प्रमुख डॉ.विवेक बिंदल ने इस बारे में Aajtak.in को बताया है. वह कहते हैं पेशाब में परेशानी होने का मतलब प्रोस्टेट कैंसर होना नहीं है. पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या काफी आम है. इसमें पेशाब से संबंधित लक्षण दिखते हैं. डायबिटीज में शुगर लेवल हाई होने पर भी ऐसी परेशानी देखी जाती है.
फिर कब कैंसर की आशंका बढ़ती है?
प्रोस्टेट कैंसर जब बढ़ता है तो मरीजों में पेशाब में खून आना, पेशाब करने में परेशानी या पेशाब की धार में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं. ऐसे लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है. अगर ध्यान नहीं दिया गया तो बीमारी लगातार बढ़ती रहती है. ऐसे में अगर कैंसर प्रोस्टेट से बाहर फैलने लगे, खासकर हड्डियों तक, तो कमर तक दर्द हो सकता है. यही वजह है कि पेशाब से संबंधित कई समस्याओं के साथ लगातार कमर दर्द को डॉक्टर से दिखाना जरूरी है.
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कमर दर्द की दूसरी वजह भी हो सकती है
हालांकि कमर में दर्द होने का मतलब भी यह नहीं है कि व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर है. कमर दर्द के पीछे मांसपेशियों में खिंचाव, रीढ़ की समस्या, किडनी की पथरी या संक्रमण जैसी कई दूसरी वजहें हो सकती हैं. लेकिन अगर पेशाब से संबंधित समस्याएं हैं तो फिर इसको हल्के में न लें.
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कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
अगर पेशाब में खून आ रहा है, पेशाब बिल्कुल नहीं हो पा रहा, तेज दर्द या बुखार है, या पेशाब की परेशानी के साथ कमर/पीठ का दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए. खासकर 50 साल से ज्यादा उम्र है तो लापरवाही बिलकुल न करें,