कब्ज एक ऐसी समस्या है जो कभी न कभी हर किसी को हो जाती है, लेकिन क्या अगर ये लंबे समय तक बनी रहे तो इससे रेक्टल कैंसर हो सकता है. कब्ज कब एक खतरा है और रेक्टल कैंसर के क्या लक्षण हैं इस बारे में नई दिल्ली के AIIMS में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर डॉ. एम. डी. रे ने बताया है.
डॉ एम.डी.रे कहते हैं कि अगर कब्ज लगातार लंबे समय तक बनी रहे तो इससे कुछ लोगों को बवासीर हो सकता है. बवासीर (पाइल्स या हेमोराइड्स) गुदा और मलाशय के निचले हिस्से में ब्लड वेसल की सूजन है, जिससे खून आना, खुजली, बेचैनी या गांठ महसूस हो सकती है. जबकि मलाशय के कैंसर (रेक्टल कैंसर) के कारण भी खून आ सकता है, जिसे कुछ लोग बवासीर समझ लेते हैं. हालांकि बवासीर कैंसर में नहीं बदलता, लेकिन बवासीर होने का मतलब यह नहीं है कि कैंसर नहीं हो सकता. डॉ रे बताते हैं कि अगर किसी मरीज को खून आ रहा है, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं. इसको हल्के में न लें. खासतौर पर अगर कब्ज कई सालों से है और कैंसर के कुछ दूसरे लक्षण जैसे वजन कम होना की परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
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मल में खून आना क्या कैंसर का लक्षण है?
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई) डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. नितेश रोहतगी ने इस बारे में बताया है. वह कहते हैं कि मल में खून आना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता, और मल त्याग की आदतों में लगातार बदलाव को कभी भी इग्नोर नहीं करना चाहिए.रेक्टल कैंसर का जल्दी पता चलने पर इसका इलाज संभव है और इसे रोका भी जा सकता है. चूंकि कोलोरेक्टल कैंसर के केस युवाओं में भी आ रहे हैं, इसलिए जागरूकता और समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है.
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क्या होते हैं रेक्टल कैंसर के लक्षण
मलाशय से खून आना
लगातार कब्ज
दस्त
बिना किसी कारण के वजन कम होना
पेट में तकलीफ
एनीमिया