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ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dl से ज्यादा है? डॉक्टर से जानें कितना है खतरा क्या है इलाज

खराब खानपान और लाइफस्टाइल के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल हो जाता है. डॉक्टर डॉ. चिन्मय गुप्ता के अनुसार, 200 mg/dL से अधिक कोलेस्ट्रॉल होने पर सेहत पर ध्यान देना जरूरी है. इसके इलाज के बारे में उन्होंने डिटेल में बताया है.

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कोलेस्ट्रॉल टेस्ट
कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

बिगड़े हुए खानपान और खराब लाइफस्टाइल के कारण लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की बीमारी हो रही है. कोलेस्ट्रॉल का लेवल पता लगाने के लिए डॉक्टर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराते हैं. इसमें पता चलता है कि कुल कोलेस्ट्रॉल कितना है. कुछ लोगों में ये 200 mg/d से ज्यादा होता है. ये कितना खतरनाक है. इतने होने पर क्या करना चाहिए और इलाज क्या है इस बारे में डॉक्टर ने बताया है. 

रिपोर्ट में टोटल कोलेस्ट्रॉलका 200 mg/dL से अधिक होना बॉर्डरलाइन हाई या हाई कोलेस्ट्रॉल माना जाता है. कोलेस्ट्रॉल 200 से अधिक होने पर क्या है इलाज? इस बारे में अपोलो अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में डॉ.चिन्मय गुप्ता ने बताया है. वह कहते हैं कि अगर कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dL से लेकर 230 mg/dL तक है तो पहले लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव करें. इसके लिए सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट वाली चीजों को खाने से बचना चाहिए. जैसे आपको मक्खन, घी, मलाई, फुल-फैट दूध, चीज, बीफ, पोर्क, लैम्ब सॉसेज और बेकन से परहेज करना चाहिए. डाइट में तेल का भी ध्यान रखना है. पाम ऑयल खाने से बचें. ट्रांस फैट वाली चीजेंतली हुई चीजें जैसे फ्रेंच फ्राइज़, डोनट्स और डीप-फ्राइड फास्ट फूड भी न खाएं. 

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लाइफस्टाइल में करें बदलाव

लाइफस्टाइल में सुधार करें. इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक करें. अगर आपका वजन ज्यादा है, तो वजन को कंट्रोल करें. धूम्रपान और शराब का सेवन बंद करें या कम कर दें. मानसिक तनाव कम लें और रोज पूरी नींद लें.

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कब पड़ती है दवाओं की जरूरत? 

डॉ. गुप्ता ने बताया कि अगर खानपान में परहेज कर रहे हैं और रोज एक्सरसाइज भी कर रहे हैं, लेकिन फिर भी 1 से दो महीने बाद भी कोलेस्ट्रॉल लेवल में बदलाव नहीं आया है तो फिर दवाओं की जरूरत है. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए स्टेटिन सबसे आम दवा है जो लिवर में जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को धीमा करती है. इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य दवाएं दी जा सकती हैं. हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा शुरू करें. 

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