जब शरीर किसी इंफेक्शन से लड़ता है तो शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे बुखार होता है. फ्लू से लेकर डेंगू, मलेरिया और एचआईवी जैसे इंफेक्शन में बुखार होता है. अधिकतर मामलों में बुखार दवा लेने से उतर जाता है, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं जब मरीज को सीधा अस्पताल में इमरजेंसी में भर्ती होना पड़ जाता है. बुखार इमरजेंसी कब बन जाता है. लक्षण कैसे दिखते हैं इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
क्रिटिकल केयर के सीनियर डॉ. आशुतोष तिवारी ने इस बारे में Aajtak.in को बताया है. वह कहते हैं कि अगर बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, कमजोरी, बेहोशी होती है तो इसको कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये लक्षण हैं कि बुखार गंभीर रूप ले रहा है. ऐसे में तुरंत अस्पताल में भर्ती होना चाहिए. अगर बुखार के साथ सांस बहुत तेज चलना, सांस लेने में परेशानी, होंठ या स्किन का नीला पड़ना जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो भी अस्पताल जाना चाहिए.
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यूरिन कम आना भी है गंभीर लक्षण
डॉ. आशुतोष ने बताया कि बुखार के दौरान लगातार उल्टी या दस्त होने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है. बहुत कम पेशाब आना, मुंह का सूखना, चक्कर आना, खड़े होने पर कमजोरी महसूस होना या लगातार सुस्ती रहना शरीर में पानी की गंभीर कमी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में घर पर इलाज करते रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. बुखार के साथ नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून दिखना, शरीर पर अचानक लाल या नीले चकत्ते पड़ना, तेज सिरदर्द, गर्दन में अकड़न या दौरे पड़ना गंभीर लक्षण हो सकते हैं.
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छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाएं विशेष ध्यान रखें
वैसे तो बुखार में ये लक्षण सभी के लिए गंभीर होते हैं, लेकिन छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है. इनमें लक्षणों के गंभीर होने की आशंका आम लोगों की तुलना में ज्यादा होती है