हेल्थ चेकअप के दौरान अल्ट्रासाउंड कराने के बाद आपकी रिपोर्ट में फैटी लिवर ग्रेड 1 लिखा आया है? ये क्यों हुआ है. इसका इलाज क्या है और क्या सिर्फ दवा से ही ठीक होगा. ये सब आपको डॉक्टर बताएंगे. इसके लिए हमने दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि से बातचीत की है.
डॉ. सुभाष बताते हैं कि जब लिवर की सेल्स में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है. इसक कई ग्रेड होते हैं जिनमें ग्रेड-1 सबसे पहला है. डॉ. सुभाष बताते हैं कि कुछ लोग ये पूछते हैं कि हम तो शराब नहीं पीते हैं तो भी लिवर फैटी क्यों हो गया? इसका जवाब ये है कि खराब खानपान और बिगड़े हुए लाइफस्टाइल के कारण भी लिवर फैटी हो जाता है. अब बिना शराब पीने वालों में भी ये एक आम समस्या हो गई है.
फैटी लिवर ग्रेड 1 का क्या मतलब है?
डॉ. सुभाष बताते हैं कि ग्रेड 1 फैटी लिवर की शुरुआत है. इस स्टेज में कई लोगों को कोई खास लक्षण नहीं होते और बीमारी का पता रूटीन अल्ट्रासाउंड या हेल्थ चेकअप में चलता है. कुछ लोगों को थकान या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हल्की परेशानी हो सकती है. आमतौर पर ग्रेड 1 से कोई खास समस्या नहीं होती है, लेकिन अगर इसको कंट्रोल न करें तो फिर ये ग्रेड -2 या 3 में चला जाता है जो खतरनाक हो सकता है.
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फैटी लिवर ग्रेड का क्या इलाज है
फैटी लिवर ग्रेड 1 में हर व्यक्ति को एक जैसी दवा की जरूरत नहीं होती. अगर आप बाहर का फास्ट फूड खाना बंद कर देंगे. खानपान में प्रोटीन- विटामिन शामिल करेंगे और अगर वजन बढ़ा हुआ है उसको कम कर लेंगे तो फैटी लिवर ग्रेड 1 अपने आप ठीक हो जाएगा.इसके लिए ये भी जरूरी है कि आप रोज कम के कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें. अपने खाने में मौसम के हिसाब से फल और सब्जियों को जरूर शामिल करें.
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कब डॉक्टर को जरूर दिखाएं?
अगर आंखों या त्वचा में पीलापन, पेट में सूजन, लगातार तेज कमजोरी, भूख कम लगना या अन्य गंभीर परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.